Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : नोवामुंडी प्रखंड के गुवा क्षेत्र कुल कुल 13 आंगनबाड़ी केंद्र है पर इन केंद्रों का अपना भवन तक नहीं है. भवन नहीं रहने के कारण बच्चे खुले आसमान में पढ़ने को मजबूर है. इस संबंध में जाटा हाटिंग आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका रेणु चौधरी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में बनने वाले मिड डे मिल के लिए उन्हें राशि भी नहीं दी जा रहा है. इस कारण उन्हें अपने घर से भोजन बनाकर बच्चों को खिलाना पड़ता है. सरकार ने गैस तो मुहैया करा दिया है, परंतु आज तक सिलेंडर भरकर आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं दिया गया. जिससे बच्चों को मिड डे मिल बनाने में काफी कठिनाई होती है. उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को बीएलओ की ड्यूटी दे दी गई है, जिससे वे लोग घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं. ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सही से नहीं हो पा रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी अभी बारिश के दिनों में हो रही है. खुले आसमान में पढ़ने वाले बच्चों को बारिश होने पर छुट्टी देना मजबूरी हो जाती है. साथ ही पेड़ के नीचे पढ़ने वाले बच्चों पर पेड़ की टहनियां टूट कर गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है. सरकार के द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं को समय पर वेतन भी नहीं दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-villagers-protest-by-planting-paddy-on-the-road/">जमशेदपुर
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