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नोवामुंडी : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर नोवामुंडी में बुधवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई. गुरु मां ने गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया. उसके बाद गुरु मां ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवनी पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि उनका जन्म ऐसे समय में हुआ जब धर्म, समाज, राजनीति आदि सभी क्षेत्रों में विषमता, विभेद और वैमनस्य व्याप्त था. उनके समय में अनेक धार्मिक मत एवं दार्शनिक विचारधारा प्रचलित थे. जिनमें परस्पर विरोध व्याप्त था. परंतु तुलसीदास ने इन विरोधों को दूर कर अपनी साम्यवादी दृष्टि का परिचय दिया और अपना एक निश्चित दार्शनिक मत स्थापित किया. जो प्रमुख रूप से रामचरितमानस में उपलब्ध होता है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-jharkhand-agitator-dinesh-mahtos-mother-passed-away/">चाईबासा

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alt="" width="350" height="233" /> प्रतियोगिता में भाग लेते बच्चे.[/caption]

आयोजित हुई

  कार्यक्रम में आगे नमिता महतो ने गोस्वामी जी की जीवन परिचय से भैया बहनों को अवगत कराया. गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर विद्यालय में कक्षा अरुण से दशम तक राखी बनाना, चित्रांकन, सुलेख एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें सभी भैया-बहनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. जमशेदपुर विभाग निरीक्षक तुलसी प्रसाद ठाकुर एवं विद्यालय कार्यकारिणी प्रबंध समिति की कोषाध्यक्ष मालती लागुरी की उपस्थिति में प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ. सभी प्रतिभागियों के क्रियाकलापों की जमशेदपुर विभाग प्रमुख एवं विद्यालय समिति की कोषाध्यक्ष ने सराहना की. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-meritorious-girl-students-of-scheduled-tribes-were-honored/">चाईबासा

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