Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

नोवामुंडी : बड़ाजामदा अस्पताल में डॉक्टर नदारद, मरीज परेशान

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : बड़ाजामदा का सरकारी अस्पताल लौहांचल व सारंडा के मरीजों के लिये सफेद हाथी साबित हो रहा है. लौहांचल व सारंडा के विभिन्न गांवों के मरीज यातायात समेत तमाम प्रकार की समस्याओं को झेलते हुये जब इस अस्पताल में अपना इलाज कराने आते हैं तो उन्हें पता चलता है कि डॉक्टर यहां मौजूद नहीं हैं. इस संबंध में बड़ाजामदा अस्पताल के डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने हमारी ड्यूटी नोवामुंडी प्रखंड के रुतागुटू स्वास्थ्य केंद्र लगा दी है. मरीजों को देखने के लिए बड़ाजामदा अस्पताल में नर्स है. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-bjp-will-conduct-public-relations-campaign-in-seraikela-kharsawan-district/">चांडिल

: सरायकेला-खरसावां जिले में भाजपा चलाएगी जनसंपर्क अभियान

गंभीर स्थिति में मरीजों को जमशेदपुर या राउरकेला जाना पड़ता है

सारंडा में सेल की किरीबुरु-मेघाहातुबुरु (लगभग एक सौ बेड क्षमता), गुवा (लगभग 50-60 बेड) एंव चिड़िया अस्पताल के अलावे टाटा स्टील की नोवामुंडी अस्पताल को छोड़ एक भी ऐसा अस्पताल नहीं है जहां चौबीस घंटे मरीजों को इलाज उपलब्ध हो सके. मुफ्त चिकित्सा सुविधा का सारा भार सेल की अस्पतालें उठाई हुई है. लेकिन यहां जांच व विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है. छोटानागरा में पच्चीस बेड का सरकारी अस्पताल बनकर तैयार है लेकिन चिकित्सकों व संसाधनों की यहां भारी कमी है. इससे यह भी लगभग मृत स्थिति में है. गंभीर स्थिति में मरीजों को जमशेदपुर या राउरकेला जाना पड़ता है लेकिन गरीब मरीज ऐसे अस्पतालों का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. केन्द्र सरकार ने कुछ गरीबों को आयुष्मान कार्ड अवश्य दिया है लेकिन इस कार्ड के माध्यम से इलाज कराने के लिए बेहतर अस्पताल का भी क्षेत्र में होना जरूरी है. इसे भी पढ़ें :कमजोर">https://lagatar.in/due-to-weak-leadership-the-condition-of-electricity-in-the-state-is-pathetic-sudesh/">कमजोर

नेतृत्व के कारण राज्य में बिजली की दयनीय स्थिति- सुदेश
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही