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नोवामुंडी : मत्स्य पालन के क्षेत्र में बढ़ रही किसानों की रुची

 
Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : नोवामुंडी के काटामाटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के लोग इन दिनों बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन कर रहे है. मत्स्य पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसके लिए बहुत अधिक खर्च की आवश्यकता नहीं होती है. यह कम खर्च में भी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कम लागत में अधिक लाभ जैसे व्यवसाय को प्रोत्साहित करने वाली संस्था, टाटा स्टील फाउंडेशन मत्स्य पालन करने वाले इच्छुक किसानों को अंतरग्राम दौरा (एक्सपोजर विजिट) के माध्यम से सहयोग कर रही है. साथ ही किसानों को प्रशिक्षण देने के बाद बायोफ्लोक तकनीक से किए जाने वाले मत्स्य पालन के डेमो प्लॉट का विजिट भी कराया जा रहा है. ताकि ग्रामीण किसान अपने मछली पालन के व्यवसाय को आसानी से समेकित कृषि से जोड़ पाए और अपने व्यापार को बड़ा बनाने में सक्षम हो पाए. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-program-on-child-safety-organized-under-school-safety-program/">चाकुलिया

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समेकित कृषि को किया जा रहा प्रोत्साहित

क्षेत्र में मत्स्य पालन का व्यवसाय अब अलग पहचान बना चुका है. टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा नोवामुंडी क्षेत्र के जेटेया, बड़ापासेया, रेंगारबेड़ा, बालजोड़ी, बेतरकिया सहित आदि 45 गांवों में एवं काटामाटी क्षेत्र के अंतर्गत अनसैकेला, कोल्हाहुंडुला, कानूपुर, जुगुड़ीधर समेत 25 गांवों के किसानों को मत्स्य पालन के लिए प्रेरित किया गया है. इस प्रकार ग्रामीण किसानों को लाभ दिलाने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से समेकित कृषि को प्रोत्साहित किया जा रहा है. [wpse_comments_template]
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