Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर महिलाओं द्वारा जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) गुवा के विभिन्न स्थानों में हर्षोल्लासपूर्ण से मनाया गया. रविवार को महिलाओं ने उपवास व्रत रखा तथा मंदिरों एवं घरों में भगवान जीमूत वाहन की पूजा-अर्चना की तथा अपने संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा. पूजन के उपरांत महिलाओं ने अपने गले में जिउतिया को धारण किया. इसे भी पढ़ें : जगन्नाथपुर">https://lagatar.in/jagannathpur-organized-legal-service-cum-empowerment-camp-in-the-block-premises/">जगन्नाथपुर
: प्रखंड परिसर में हुआ विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन महिलाओं ने बताया कि अपने संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर पुरातन काल से महिलाएं इस व्रत को करती आयी हैं. राजा जीमूत वाहन के समय से यह व्रत प्रचलित हुआ है. इस व्रत में माताएं दिनभर निर्जला उपवास करती हैं एवं आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी को जीवित्पुत्रिका व्रत धारण करती हैं. बता दें कि इस व्रत में पहले दिन नहाय-खाय के साथ मड़ुआ की रोटी के अलावा सतपुतिया झींगी, खीरा, चना, कांदा, कच्चू आदि सब्जियों का सेवन किया जाता है. दूसरे दिन माताएं निर्जला उपवास करती हैं और फिर तीसरे दिन पारण करती हैं. इधर, पूजा में काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी. [wpse_comments_template]
: प्रखंड परिसर में हुआ विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन महिलाओं ने बताया कि अपने संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर पुरातन काल से महिलाएं इस व्रत को करती आयी हैं. राजा जीमूत वाहन के समय से यह व्रत प्रचलित हुआ है. इस व्रत में माताएं दिनभर निर्जला उपवास करती हैं एवं आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी को जीवित्पुत्रिका व्रत धारण करती हैं. बता दें कि इस व्रत में पहले दिन नहाय-खाय के साथ मड़ुआ की रोटी के अलावा सतपुतिया झींगी, खीरा, चना, कांदा, कच्चू आदि सब्जियों का सेवन किया जाता है. दूसरे दिन माताएं निर्जला उपवास करती हैं और फिर तीसरे दिन पारण करती हैं. इधर, पूजा में काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी. [wpse_comments_template]
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