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नोवामुंडी : गुवा जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु ने धारण किये घोड़ालगी वेश

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : आमतौर पर जाड़े के दिनों में ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े पहनते हैं. कलयुग में मार्गशीरा शुक्ल पक्ष की षष्ठी से लेकर माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (बसंत पंचमी) तक महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा को भी विशेष रुप से तैयार सर्दियों की पोशाक धारण करवाई जाती है. जिसे महाप्रभुओं की घोड़ालगी वेश कहा जाता है. गुवा जगन्नाथ मन्दिर में भी इसी तर्ज पर बुधवार को तीनों विग्रह को गरम पोशाक से सुसज्जित कराया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं के द्वारा तरह तरह के गर्म कपड़े भेंट किये गए. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-state-president-held-a-meeting-regarding-the-preparation-of-home-ministers-program/">चाईबासा

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बसंत पंचमी तक अलग-अलग पोशाक से होंगे सुसज्जित

पुजारी जितेंद्र पंडा का कहना है की कलयुग में भगवान जगन्नाथ मानवीय लीला रचाने आए है. इसलिए एक साधारण मनुष्य की तरह उनकी दिनचर्या होती है. इसके तहत मनुष्य की भांति ठंड से उन्हें रक्षा प्रदान करने के लिए पारंपरिक रूप से गर्म कपड़े पहनाए जाते हैं. बसंत पंचमी तक अलग-अलग ग्रहों के प्रतीक रंग में जगन्नाथ जी को गरम पोशाक से सुसज्जित कराया जा रहा है. [wpse_comments_template]

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