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नोवामुंडी : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाई महावीर जयंती

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोवामुंडी में मंगलवार को विद्यालय प्रांगण में भगवान महावीर जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या सीमा पालित (गुरु मां) ने नित्य वन्दनीया मां सरस्वती तथा भगवान महावीर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम से पूर्व कक्षा नवम के छात्र शिवा करुवा महावीर की जीवनी पर प्रकाश डाला. छात्र शिवा करुवा ने बताया कि 30 वर्ष की आयु में भगवान महावीर संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्म कल्याण के पथ पर निकल गये. इसे भी पढ़ें : ममता">https://lagatar.in/mamta-banerjees-big-attack-on-bjp-violence-was-done-by-bringing-outside-goons-in-bengal/">ममता

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कक्षा नवम के छात्राओं ने मनमोहक भजन की प्रस्तुति दी

[caption id="attachment_598835" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/Novamundi-Padmavati-Jain-1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> महावीर जी जीवनी पर प्रकाश डालते बच्चे.[/caption] 12 वर्षों की कठिन तपस्या के बाद उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, जिसके पश्चात उन्होंने ज्ञान प्रसारित किया. 72 वर्ष की आयु में उन्हें पावापुरी में मोक्ष की प्राप्ति हुई. कक्षा नवम के छात्राओं ने मनमोहक भजन की प्रस्तुति दी. महावीर जयंती के शुभ अवसर पर प्राचार्य गुरु मां ने अपने संबोधन में कहा भगवान महावीर की वाणी सदा अनुकरणीय है. चरित्र जितना ऊंचा और सुदृढ़ होगा जीवन मूल्य उतनी ही तेजी से विकसित होंगे और सफलताएं उतनी ही तेजी से कदमों को चूमेगी. तत्पश्चात छात्रा स्वाति महापात्रो द्वारा शांति मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई. [wpse_comments_template]

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