Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : श्रावण मास के चौथी सोमवारी को मुर्गा महादेव मंदिर में कोल्हान और ओडिशा के लगभग 80 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया. रविवार को मध्य रात्रि में मंदिर का मुख्य द्वार खुलते ही शिवभक्तों ने भोले बाबा पार करायेगा और बोलबम के जयघोष के साथ डाक बम और कांवरियों का हुजुम जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ा. कोल्हान व क्योंझर जिला के आसपास क्षेत्र में आस्था का केन्द्र बिन्दु बने इस धवलेश्वर मंदिर में अंतिम सोमवारी को शनिवार की रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन आरंभ हो गया था. इसमें कांवारिया, डाकबम आदि शामिल थे. इस वर्ष सबसे ज्यादा भक्तों ने चाईबासा, झींकपानी, जगन्नाथपुर, रामतीर्थ एंव ओडिशा के विभिन्न पवित्र जलस्त्रोत से जल लेकर मुर्गा महादेव के बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक किया.
इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर:">https://lagatar.in/manoharpur-tribute-paid-by-garlanding-the-statue-of-martyr-nirmal-mahato/">मनोहरपुर:
शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि जलप्रपात में स्नान कर महिलाओं व पुरुषों ने की पूजा
[caption id="attachment_383252" align="aligncenter" width="1040"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/Murga-Mahadev-1.jpg"
alt="" width="1040" height="488" /> पूजा से पहले जलप्रपात में स्नान करते श्रद्धालु.[/caption] इसमें महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया. भक्त अपने आराध्य की पूजा करने के लिए 25 फीट की उंचाई से गिरते जलप्रपात में स्नान के बाद महिला और पुरूष अलग-अलग पंक्तिबद्ध होकर शिवलिंग पर दूध, पानी और चढ़ावा चढ़ाया. यहां बढ़ती भीड़ और डाक बम की सुविधा के लिए शिवलिंग पर दूध अथवा जल चढ़ाने के लिए बाहर ही व्यवस्था की गई थी. मंदिर के प्रवेश द्वार पर नारियल फोड़कर अगरबत्ती जलाया जा रहा था. पूजा के बाद लोगों ने परिवारजनों के साथ मेले में घूमते हुए खरीदारी की. यहां धवलेश्वर मंदिर समिति के सचिव वीरो नायक अन्य सदस्यों के साथ मंदिर परिसर में रात भर श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे.
इसे भी पढ़ें : जामताड़ा">https://lagatar.in/jamtara-bengal-cid-team-reached-to-search-the-house-of-mla-dr-irfan-ansari/">जामताड़ा
: विधायक डॉ.इरफ़ान अंसारी के घर को खंगालने पहुंची बंगाल सीआईडी की टीम विधि-व्यवस्था के लिए जोड़ा पुलिस व निजी सुरक्षा बल थे तैनात
मंदिर परिसर में विधि व्यवस्था के लिये जोड़ा पुलिस के साथ माइंस के निजी सुरक्षा बल तैनात थे. वहीं किसी भी प्रकार की परेशानी से निपटने और सहयोग के लिये सहायता केन्द्र भी खोले गये थे. कांवरियों और अन्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाईबासा से मुर्गा महादेव मंदिर मार्ग और नोवामुंडी व आसपास कई जगहों पर अस्थायी विश्राम स्थल बनाये गये थे, जहां भंडारा लगाकर भक्तों की सेवा में नींबू पानी, नाश्ता और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही थी.
Leave a Comment