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नोवामुंडी : तीन दिवसीय शिक्षण जागरुकता कार्यक्रम के दूसरे दिन दी गई प्रायोगिक प्रशिक्षण

Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : शिक्षा का अलख जगाने के ध्येय से डीएवी, सेंटर ऑफ एकेडमिक एक्सीलेंस, नई दिल्ली के तत्वावधान में झारखंड ए जोन जमशेदपुर संभाग अंतर्गत विभिन्न छह स्कूलों में डीएवी गुवा, चिड़िया, नोवामुंडी, झींकपानी, बहरागोड़ा एवं एनआईटी आदित्यपुर (जमशेदपुर) के शिक्षकों की आयोजित तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत दूसरे दिन 11 जून को भी प्रशिक्षण जारी रहा. तीन दिवसीय शिक्षण जागरूकता कार्यक्रम में करीब 200 शिक्षक शामिल हुए. सहायक रीजनल ऑफिसर ओपी मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में नई शिक्षा नीति में आए बदलाव की चर्चा एवं योजना की जानकारी शिक्षकों को देना अनिवार्य है. इस योजना को कैसे स्कूलों में क्रियान्वित किया जाय ताकि पठन-पाठन कार्यक्रम सरल हो सके. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-guru-arjundev-ji-sacrificed-for-the-protection-of-the-country-and-religion-amarjit/">धनबाद

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बच्चों को नैतिक मूल्यों से जोड़ना अनिवार्य

बच्चों को अच्छा इंसान बनाने के लिए नैतिक मूल्य को शिक्षा से जोड़ा जाना अत्यंत अनिवार्य बताया. रविवार को आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के अतिरिक्त रिसोर्स पर्सन एनआईटी प्रोफेसर के द्वारा भी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया. डीएवी, सेंटर ऑफ एकेडमिक एक्सीलेंस के तत्वावधान में प्रायोगिक शिक्षा प्रशिक्षण का प्रचार-प्रसार शिक्षकों के बीच किया गया. शिक्षा में कठिन से कठिन विषयों को सरल तरीके से पढ़ाया जाय. इस पर खास तौर से चर्चा की गई. लेजर किरणों द्वारा सरलता पूर्वक परावर्तन के नियम, उत्तल लेंस को दर्शाया गया. जल का अपघटन की प्रक्रिया वायुमंडल में दबाव व अन्य प्रायोगिक क्रियाएं दिखाई गई. [wpse_comments_template]

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