Search

 
 
 

नोवामुंडी : टीएसएफ 39 गांव में 1236 किसानों को दे रही है प्रशिक्षण

 
Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) नोवामुंडी के माध्यम से उन्नत कृषि पद्धतियों पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण से किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है. अब तक नोवामुंडी एवं जगन्नाथपुर प्रखंड के अंतर्गत भनगांव, सियालजोड़ा, बड़ापासेया, कदाजामदा, महुदी, कोटगढ़, नोवामुंडी बस्ती, पोखरपी, जेटेया आदि 39 गांवों में 1236 किसानों को जैविक खाद और कीट प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. गांव में वैज्ञानिक पद्धति को उजागर करने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन नोवामुंडी के द्वारा शुरू से ही मौसमी आधार पर फसलों की जानकारी का प्रशिक्षण होता आ रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-person-dies-in-road-accident-in-burmamines/">जमशेदपुर

: बर्मामाइंस में सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत
साथ ही किसानों की आजीविकाओं के स्रोतों को किस प्रकार समेकित बनाया जाए इस पर भी कार्यक्रम आयोजित होता आ रहा है. जिसके फलस्वरूप आज गांव में नए किस्म के फसल की खेती देखने को मिल रही है. उन्नत कृषि के इस प्रशिक्षण को टाटा स्टील फाउंडेशन के द्वारा प्रत्येक गांव में बैठक कर ग्रामिय स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कर एसएचजी एवं किसान समूहों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिसमें मौसमी आधारित (जायद,खरीफ तथा रवि) फसलों का पीओपी की मदद से किसान दादा और दीदियों के सहयोग से इस प्रशिक्षण के कार्यक्रम को सफल बनाया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में प्रत्येक दिन 25 से 30 किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है एवं उसके साथ-साथ जैविक कीटनाशक को बनाने की विधि भी सिखाई जा रही है. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/mahila-samiti-organized-holi-milan-function-in-barwadih-railway-club/">लातेहार

: रेलवे क्लब की महिला समिति ने होली मिलन समारोह का किया आयोजन
इसमें जैविक कीटनाशक को बनाने की सामग्री, एवं संसाधन का विशेष ध्यान रखकर प्रशिक्षण के दौरान ही किसान दादा और दीदियों से कीटनाशक भी तैयार करवाया जा रहा है ताकि वे उसको बनाने की विधि और उपयोग करने का सही तरीका भी आसानी से सीख पाएं. उन्नत कृषि के प्रशिक्षण से ग्रामीण किसानों को जायद फसल (गरमा फसल) ,जैविक खेती, फसलों का लगाने का सही समय, दूरी तथा तरीका ,फसलों में लगने वाली कीट एवं बीमारियों से बचने के उपायों में नीमास्त्र, अग्निअस्त्र,बीजामृत ,गंजीवामृत जैसे जैविक कीटनाशकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.ताकि किसान अपनी फसलों में जितना संभव हो सके उतना जैविक खाद का उपयोग कर सके. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही