Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : गुवासाई गांव के 3 टोला के ग्रामीणों ने मिलकर देसाउली (सरना स्थल) तथा ससन (श्मशान स्थान) की रविवार को साफ-सफाई की. यहां झाड़ियां उग गई थी. साफ-सफाई गांव के दिवरी सुशील पूर्ति की अध्यक्षता में की गई. इस दौरान दिवरी सुशील पूर्ति ने कहा कि देसाउली सरना स्थल है. उसे हम पूजा करने का पवित्र स्थान कहते हैं. आदिवासी समाज में कोई भी पर्व-त्योहार से पूर्व सरना स्थल जाकर पूजा पाठ की जाती है. उसके बाद घरों में पूजा की जाती है. इस सरना स्थल में काफी झाड़ियां उग आई थी जिससे सरना स्थल की साफ सफाई की गई. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-dead-body-of-woman-locked-in-sack-found-from-well-police-engaged-in-investigation/">चक्रधरपुर
: कुआं से बोरे में बंद महिला का शव मिला, जांच में जुटी पुलिस साथ ही ससन जिसे शमशान स्थान कहा जाता है वहां भी काफी झाड़ियां उग आई थी. उसे भी तीनों टोला के ग्रामीणों ने मिलकर सफाई की. श्मशान स्थान भी पवित्र स्थान है. आदिवासियों की रीति रिवाज के अनुसार मृत्यु होने पर उसे दफनाया जाता है. उस स्थान की भी पूजा पाठ की जाती है. इस दौरान मौके पर गुवासाई के मुंडा मंगल पूर्ति, गुना पूर्ति, नातो पूर्ति, सोनाराम पूर्ति, साधु चरण पूर्ति, जर्मन पूर्ति, अमर पूर्ति, कानूराम पूर्ति, रोहन चाम्पिया, सुक्रांत गागराई सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. [wpse_comments_template]
नोवामुंडी : गुवासाई के ग्रामीणों ने देसाउली व ससन की साफ-सफाई की

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