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नोवामुंडी : सूखे पत्ते से जलावन बनाकर नुईया गांव के ग्रामीण बनेंगे स्वावलंबी

Noamundi (Sandip Kumar Prasad): गुवा के नुईया गांव में ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाने के लिए सूखे पत्ते से जलावन बनाने का उद्योग लगाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है. डीएमएफटी फंड से सरकारी जमीन पर यह उद्योग लगाया जा रहा है. इसकी शुरुआत को लेकर नुईया गांव में मंगलवार को मुंडा दुसू चाम्पिया की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन हुआ. इस दौरान उद्योग को चलाने के लिए महिला समिति का गठन किया गया. इस ग्राम सभा में पश्चिमी पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी भी मौजूद रहीं. उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से रश्मि रानी को समिति का अध्यक्ष, कविता बोदरा को सचिव और विमला बोदरा को कोषाध्यक्ष के रूप में चयनित किया. [caption id="attachment_646118" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/23rc_m_71_23052023_1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> उद्योग के लिए मशीनों को इंस्टॉल करते मजदूर[/caption] इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-even-after-continuous-complaints-the-rights-of-mnrega-workers-are-being-violated-in-the-district/">चाईबासा

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प्रति किलो 4 रुपए के हिसाब से बेच पाएंगे सूखे पत्ते

इस संदर्भ में गुवा सारंडा वन विभाग पदाधिकारी अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सरकारी स्तर से नुईया गांव में जंगल के सूखे पत्तों से जलावन बनाने का उद्योग लगाया गया है. यह उद्योग लग जाने से ग्रामीणों को स्वरोजगार प्राप्त होगा. महिलाओं को सूखे पत्ते चुनकर इस उद्योग में सप्लाई देने पर प्रति किलो 4 रुपए के हिसाब से मिलेगा. गांव के ग्रामीणों को सूखे पत्ते से जलावन बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसका संचालन ग्रामीणों द्वारा गठित समिति करेगी. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-villagers-submitted-169-applications-in-the-financial-inclusion-camp/">चाईबासा

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बाजारों में बिकेगा यहां बना उत्पाद

आए दिन असामाजिक तत्वों द्वारा जंगलों में आग लगा दी जाती है, जिससे जंगल में दुर्लभ जीव जंतु के साथ-साथ पेड़ पौधे भी नष्ट हो जाते हैं. परंतु अब यह उद्योग लग जाने के बाद सारंडा के ग्रामीण सूखे पत्तों को इकट्ठा कर बोरिया में भरकर इस उद्योग के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकेंगे. इससे जंगल को जलने से बचाया जा सकेगा. यहां बने उत्पादों की बिक्री बाजार में भी की जा सकती हैं, जिससे ग्रामीणों का भरण पोषण हो सकेगा. इस उद्योग का उद्घाटन इसी माह उपायुक्त के द्वारा किया जाएगी. इस ग्राम सभा में मालती चाम्पिया, गीता देवी, मुन्नी चाम्पिया, लिंगा चाम्पिया, शेफाली देवी, रजनी सिरका, वन बिहारी नायक सहित अन्य मौजूद थे.

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