Ranchi : दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में अत्यधिक गैर-शैक्षणिक आयोजनों को लेकर अभिभावकों ने सवाल खड़ा किया है. अभिभावकों ने स्कूल की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों की अधिकता से पढ़ाई का समय बर्बाद हो रहा है. इसके साथ ही सीबीएसई के नियमों से इतर ली जा रही अतिरिक्त आंतरिक परीक्षाओं (एसपीई) से भी छात्र परेशान हैं.
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अभिभावकों के अनुसार, स्कूल में हर सोमवार को साप्ताहिक टेस्ट होते हैं. नियमित सेमेस्टर परीक्षाएं भी ली जाती हैं. इसके बावजूद छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षाओं का बोझ डाला जा रहा है. 30 अप्रैल से 7 अगस्त के बीच कुल 28 कार्यक्रमों की सूची सामने आई है. इनमें सांस्कृतिक, को-करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियां शामिल हैं.
अभिभावकों का आरोप है कि इन आयोजनों के कारण कक्षा 9, 10, 11 और 12 के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है. बच्चों को बोर्ड के अलावा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए स्व-अध्ययन (सेल्फ-स्टडी) का समय भी नहीं मिल पा रहा है.
अभिभावकों का दावा है कि इस बार बोर्ड परीक्षा के नतीजों में डीपीएस का प्रदर्शन गिरा है. सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 की तीनों स्ट्रीम के झारखंड टॉपर्स में डीपीएस रांची का नाम शामिल नहीं रहा. राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान डीपीएस बोकारो और ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल ने हासिल किया है. अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं.
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