- जिन अधूरी योजनाओं को पथ निर्माण विभाग द्वारा शुरू किया गया है. इसमें सड़क और उच्चस्तरीय पुल निर्माण की योजनाएं शामिल हैं.1748.72 करोड़ की इन योजनाओं पर अब तक 942.34 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं. योजनाएं पूरी नहीं होने से राज्य को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
Ranchi : राज्य सरकार द्वारा 1748.72 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गयी सड़क निर्माण की 43 योजनाओं में एक भी निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हुआ. इसमें से एक योजना तो ऐसी है जिसे 2014 में पूरा करना था. लेकिन यह योजना 10 साल बाद भी अधूरी है. अधूरी योजनाओं की इस सूची में ऐसी योजनाएं भी हैं जिन्हें चार साल पहले पूरा हो जाना चाहिए था. लेकिन योजना का सिर्फ पांच प्रतिशत काम ही हो सका है. राज्य के विकास से जुड़ी सड़क जैसी आधारभूत संरचनाओं का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं होने की वजह से योजना की लागत बढ़ती जाती है. इससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है.
जिन अधूरी योजनाओं को पथ निर्माण विभाग द्वारा शुरू किया गया है. इसमें सड़क और उच्चस्तरीय पुल निर्माण की योजनाएं शामिल हैं.1748.72 करोड़ की इन योजनाओं पर अब तक 942.34 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं. योजनाएं पूरी नहीं होने से राज्य को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अधूरी योजनाओं की इस सूची में सबसे पुरानी योजना संजय नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण का है. इस पुल को सरायकेला - खरसावां पथ के सातवें किलोमीटर पर संजय नदी पर बनाया जाना है. पुल निर्माण की इस योजना को नवंबर 2012 में स्वीकृत किया गया था. 12.19 करोड़ की लागत से पुल निर्माण का काम 2013 में शुरू किया गया था. इसे पूरा करने के लिए एक साल का समय निर्धारित था. यानी इस पुल को 2014 में पूरा करना था. लेकिन इस पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस पुल का काम अब तक 90% पूरा हुआ है. यानी 10 साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका.
अधूरी सड़क योजनाओं का ब्योरा (लागत करोड़ में)
| योजना का नाम | लागत | शुरू करना/पूरा करना | काम हुआ |
| बुरूडीह बाईपास का निर्माण | 14.88 | 2023/2023 | 56% |
| सुखसारी-जामडीह पथ | 42.11 | 2021/2022 | 5% |
| संजय नदी पर पुल निर्माण | 12.19 | 2013/2014 | 90% |
| छत्तरपुर ब्रिज निर्माण | 12.92 | 2019/2021 | 5% |
| महेशपुर-पकुड़िया पथ | 17.46 | 2024/2024 | 60% |
| गोईलकेरा- औरंगा पथ | 120.00 | 2022/2024 | 53% |
| पोटका-स्थानीय नाले पर ब्रिज | 6.11 | 2023/2024 | 30% |
| ओड़िशा सीमा पर सड़क चौड़ीकरण | 60.59 | 2023/2024 | 38% |
| कोवाली-डुमरिया सड़क निर्माण | 105.12 | 2018/2020 | 61% |
| बांसडा-पथरा सड़क चौड़ीकरण | 40.14 | 2018/2019 | 77% |
| गोविंदपुर अन्ना चौक सड़क निर्माण | 84.49 | 2018/2020 | 67% |
| महुदा-सिंद्री पथ चौड़ीकरण | 163.19 | 2019/2020 | 32% |
| मुगमा-चिरकुंडा बराकर पुल | 54.33 | 2019/2021 | 56% |
| टंडवा-रायखेलारी पथ निर्माण | 8.29 | 2019/2020 | 70% |
पथ निर्माण विभाग द्वारा NH-33 के पीएचईडी मोड़ चांडिल के पास चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम 2021 में शुरू किया गया था. इसे पूरा करने के लिए 2022 तक का समय निर्धारित किया गया था. हालांकि चार साल बाद भी 42.11 करोड़ की लागत की इस योजना का काम सिर्फ 5% ही हुआ है.
सरायकेला खरसावां पथ के बुरूडीह बाईपास 1.53 किलोमीट लंबी सड़क का काम 2023 में शुरू किया गया था. 14.88 करोड़ की लागत वाली इस सड़क को वर्ष 2023 में ही पूरा करने का समय निर्धारित था. लेकिन अब तक सिर्फ 56% काम हुआ है. काम के बदले 8.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.


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