Ranchi : दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित रैली व मार्च को लेकर कांग्रेस के नेता तमाम राज्यों में पसीना बहा रहे हैं. झारखंड के बेरमो से विधायक अनूप सिंह समेत पांच नेताओं को अलग-अलग राज्यों में समीक्षा करने के लिए भेजा गया है. इसी तरह के देश भर में पार्टी के तमाम नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.
जानकारी के मुताबिक बेरमो विधायक जय मंगल सिंह (अनूप सिंह) को बिहार के पांच जिलों मुंगेर, लखीसराय, जमुई, बांका समेत पांच जिलों की जिम्मेदारी दी गई है. वह पिछले तीन दिनों से बिहार में कैंप कर रहे हैं. जमशेदपुर से कांग्रेस के पूर्व सांसद अजय कुमार को भी बिहार के कई जिलों की जिम्मेदारी दी गई है.

बिहार के लखीसराय में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बात करते विधायक अनूप सिंह.
इसी तरह पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर को छत्तीसगढ़ भेजा गया है. राजेश ठाकुर पिछले तीन दिनों से अलग-अलग जिलों में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. बैठकें व प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. साथ ही इस बात की भी समीक्षा कर रहे हैं कि रैली की तैयारी कितनी पूरी हो चुकी है. 29 अक्टूबर को वह छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में स्थित छुईखदान को 'शहीदों की नगरी' (शहीद नगरी) में श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए.

छत्तीसगढ़ में शहीदों को श्रद्धांजलि देते झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर.
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को नागालैंड भेजा गया है. वह वहां के स्थानीय नेताओं से मिलकर रैली की तैयारी में जुटे हुए हैं.
इसी तरह देश भर में नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस पार्टी की तैयारी यह है कि दिल्ली के रामलीला मैदान से देश को बड़ा संदेश दे सके. हालांकि रैली सफल ना हो इसके लिए सरकारी सिस्टम तमाम तरह की पाबंदियां लगा रही हैं. मसलन छत्तीसगढ़ कांग्रेस की मांग पर रेलवे ने पहले तो विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन बाद में आदेश वापस ले लिया.