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alt="" width="600" height="400" /> इसके अलावा शुभम संदेश ने लातेहार लोक अभियोजन कार्यालय के जर्जर हो जाने की खबर लगातार अखबारों में छापी. इसका असर यह हुआ कि जिला प्रशासन हरकत में आया और जीर्ण शीर्ण भवन को तोड़ कर नये भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया. हालांकि इसमें प्रभारी जिला लोक अभियोजक अशोक कुमार दास का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने भी लोक अभियान कार्यालय की बदहाली को ले कर कई बार उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार किया. उपायुक्त की बैठकों में भी उन्होंने इस मामले को कई बार उठाया था.
डीसी व एसपी ने किया था निरीक्षण
आखिरकार जिला प्रशासन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस भवन को डिमोलिश कर नया भवन बनाने के लिए निविदा प्रकाशित की. बता दें कि शुभम संदेश में खबर छपने के बाद तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिल कुमार के निर्देश पर तत्कालीन उपायुक्त भोर सिंह यादव और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने जर्जर लोक अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण किया था. तत्कालीन उपायुक्त अबु इमरान व हिमांशु मोहन ने भी इस कार्यालय का निरीक्षण किया. विभागीय निर्देश के बाद पिछले दिनों भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कमलेश कुमार ने जर्जर भवन का निरीक्षण किया था.खंडहर में तब्दील हो गया था लोक अभियोजन कार्यालय
बता दें कि लोगों को न्याय दिलाने वाला अभियोजन कार्यालय खंडहर में तब्दील हो गया था. गवाहों को अदालतों में प्रस्तुत करने की पूर्ण जवाबदेही अभियोजन कार्यालय को है और सबसे पहले गवाह इसी कार्यालय आते हैं. लेकिन भवन जर्जर हो जाने के कारण न सिर्फ लोक अभियोजक वरन आम गवाहों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. भवन का हिस्सा टूट टूट कर गिर रहा था. बरसात के दिनो में छत से बेतरीब ढंग से पानी टपकता था. कार्यालय के खिड़की व दरवाजे दीमक के भेंट चढ़ गये थे. कार्यालय भवन में सीलन के कारण लोक अभियोजकों का यहां दम घुट रहा था. प्रभारी लोक अभियोजक, लातेहार ने अपने पत्राकं 112 दिनांक 21 दिसंबर 2016 को सरकार के विधि विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा था और भवन की स्थिति से अवगत कराया था. विधि विभाग के प्रधान सचिव संजय प्रसाद ने 11 फरवरी 2019 को भवन निर्माण विभाग के सचिव को पत्राचार भवन निर्माण कराने की बात कही थी.तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी दिया था निर्देश
दीगर बात तो यह है कि सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने भी अपने पत्रांक 1992 दिनांक 26.07.17 को ही सभी कोर्ट परिसरों में अविस्थत लोक अभियोजन कार्यालय भवन की तत्काल मरम्म्त कर गवाहों की सुविधा के लिए विटनेस हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया था. लेकिन निर्देश जारी होने के सात सालों के बाद भी इसका अनुपालन नहीं किया गया. अब जा कर इस भवन की सुधि ली गयी है. इसे भी पढ़ें - पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-governor-met-amit-shah-discussion-in-political-circles-presidents-rule/">पश्चिमबंगाल के राज्यपाल अमित शाह से मिले, राजनीतिक गलियारों में चर्चा… लगेगा राष्ट्रपति शासन ! [wpse_comments_template]
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