जैन समाज में शोक की लहर, सुर-साधना के थे पुजारी खुद कैशियो बजाकर अपने लिखे भजन गाते थे Hazaribagh : हजारीबाग जैन समाज के आधार स्तंभ रहे हर दिल अजीज, खुशमिजाज और मिलनसार कमल गंगवाल उर्फ कजोड़ भैया (68 वर्ष) नहीं रहे. उनका निधन मंगलवार की अहले सुबह करीब 4.30 बजे हो गया. अब उनकी यादें ही शेष हैं. उनके परिवार में पत्नी मंजू गंगवाल और एक पुत्र व एक पुत्री हैं. वे एक बहन गुड़या और सात भाइयों में तीसरे स्थान पर थे. उनके बहनोई कमल नयन जैन कोलकाता में चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं. पिछले कुछ दिनों से वह शारीरिक परेशानी से जूझ रहे थे. उनका अंतिम संस्कार खीरगांव के मुक्तिधाम में किया गया. अध्यात्म का क्षेत्र हो या कला-संस्कृति या फिर संगीत-साधना का, हर क्षेत्र में उत्कृष्ट और सर्वोच्च मुकाम को प्राप्त करने वाले उनका अति विशिष्ट व्यक्तित्व था. संगीत के क्षेत्र में उन्होंने आध्यात्मिकता के साथ सुरों की जो साधना की, वह अत्यंत प्रशंसनीय और प्रेरणादायक है. इसे भी पढ़ें :
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जैन समाज के लिए अपूरणीय क्षति- विजय जैन लुहाड़िया
कमल जैन गंगवाल के लिखे गए भजन आज भी विभिन्न अवसरों पर आध्यात्मिक रूप से गाए जाते हैं. वह खुद कैशियो बजाकर भजन गाते थे. जैन समाज के मीडिया प्रभारी विजय जैन लुहाड़िया ने कमल गंगवाल का इस तरह से अलविदा कहना, समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताई. यहां पूरे जैन समाज में शोक की लहर है. लोगों ने शोक संदेश में कहा कि आज कमल गंगवाल भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें सभी के दिलों में सदैव मौजूद रहेंगी. उनके निधन पर जैन समेत विभिन्न समाज, राजनीतिक दलों व संगठनों के लोगों को गहरी संवेदना जताई है. इसे भी पढ़ें :
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