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अब महिलाओं और गुंडों का सहारा

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  • गोड्डा जिले के महागामा अंचल में सरकारी जमीन कब्जाने का नया तरीका
  •  महिलाओं को ढाल बना रहे भू-माफिया
  • योजनाबद्ध तरीके से कब्जा रहे सरकारी जमीन
Pravin Kumar/Amit Singh Ranchi : फर्जी दस्तावेज के सहारे गोड्डा जिले के महगामा अंचल में सरकारी जमीन हड़पने के लिए भू-माफिया अब महिलाओं को ढाल बना रहे हैं. महिलाओं काे आगे कर गुंडों की मदद से जमीन पर कब्जा करने का खेल चल रहा है. इस खेल में भी कैलाश कुमार टिबड़ेवाल सबसे बड़े खिलाड़ी हैं. अपने चचेरे भाई दिलीप टिबड़ेवाल (जो महगामा सहित अन्य मौजा में कैलाश टिबड़ेवाला का जमीन का काम देखता है) महिलाओं को झांसे में लेकर सरकारी जमीन पर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करता है. महागामा अंचल के मौजा महुआरा का जमाबंदी नं 51 गत सर्वे में द्वारिका प्रसाद ढनढनिया वगैरह के नाम से दर्ज है. इसमें से दाग नं 102, रकबा एक बीघा एक कट्ठा दो धुर रैयत के हिस्सेदार के वंशज थे बाबू पूरनमल. उन्होंने बलू मांझी व मंगल मांझी को अपने हिस्से की जमीन का केवाला 1951 में कर दिया था. तब से अब तक उनके वारिसान प्रेम मांझी, बासुकी मांझी आदि खेती बाड़ी करते आ रहे थे.

अस्पताल व आसपास की जमीन हड़पना चाहता है टिबड़ेवाल

सरकार की ओर से महुआरा गांव में तीन सौ बेड का अस्पताल बनने की बात सुनते ही दिलीप टिबड़ेवाल ने बिमला देवी को एक कट्ठा जमीन दान पत्र कर दी. कुछ माह बाद उसे आगे कर मांझी लोगों की जमीन कब्जाने का प्रयास किया. गुंडों की मदद भी ली. लेकिन मांझी लोगों के विरोध के कारण दिलीप टिबड़ेवाल जमीन पर कब्जा नहीं कर पाया. मगर मांझी परिवार की एक महिला के साथ मारपीट की. महिला ने थाने में दिलीप टिबड़ेवाल और श्रवण यादव पर केस दर्ज कराया. मामला कोर्ट में है.

बिमला देवी पर टिबड़ेवाल परिवार मेहरबान

दान पत्र पर जमीन लेने वाली बिमला देवी महुआरा की बेटी है. उसकी शादी 25 वर्ष पहले दुमका जिले के जामा प्रखंड के कोलढ़िया गांव में हुआ था. इस महिला पर टिबड़ेवाल परिवार की खास कृपा है. परिवार ने इस महिला को भी सरकारी जमीन पर ही बसा दिया है. इसका एक बेटा राजू टिबड़ेवाल परिवार का करीबी है. महगामा थाने में राजू लायक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है.

दान में जमीन देकर महिला को कर दिया आगे

मजेदार बात यह है कि जिस दाग नं 102 को अपना बताते हुए दिलीप टिबड़ेवाल ने बिमला देवी को जमीन दान की है, वह जमीन दिलीप टिबड़ेवाल या टिबड़ेवाल परिवार के परिवारिक बंटवारे में भी नहीं है. यह जमीन भी टिबड़ेवाल परिवार ने फर्जी दस्तावेज के सहारे फर्जी जमाबंदी कराकर अपने नाम करा ली है. वर्तमान में जिस सरकारी जमीन पर कैलाश टिबड़ेवाल कब्जा करना चाहता है, वह जमीन भी ढनढनिया परिवार की बतायी जा रही है. कैलाश टिबड़ेवाल द्वारा नवनीत कुमार ढनढनिया के मकान को तीन मार्च 2023 को तोड़वा दिया गया था. इसे लेकर महगामा थाना कांड संख्या 65/23 दिलीप टिबड़ेवाल, सुधीर सिंह, निवास झा एवं श्रवण यादव के भाई सदानंद यादव पर दर्ज है. पुलिस जांच की बात कर रही है जबकि नामजद खुलेआम घूम रहे हैं. इसे भी पढ़ें – संथाली">https://lagatar.in/santhali-language-teachers-will-be-reinstated-champai-soren/">संथाली

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