Ranchi: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि अबुआ सरकार के खिलाफ अब सड़क पर आदिवासी ही उतर रहे हैं. सिरम टोली फ्लाई ओवर के पास स्थित सरना स्थल की रक्षा को लेकर आदिवासी समाज लंबे समय से आंदोलनरत हैं. लेकिन सरकार इस मुद्दे पर पहल नहीं कर रही. प्रतुल ने कहा कि सरकार को आंदोलनरत आदिवासियों को वार्ता के लिए बुलाकर ग़तिरोध दूर करना चाहिए था. लेकिन सरकार इस मुद्दे पर पूरे तरीके से उदासीन है. इसे भी पढ़ें -गुजरात">https://lagatar.in/boiler-explosion-in-a-firecracker-factory-in-banaskantha-gujarat-caused-a-fire-18-workers-died/">गुजरात
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सीएम के खिलाफ सरना आदिवासी समाज के ही लोगों ने प्रदर्शन किया
प्रतुल ने कहा कि सिरम टोली सरना स्थल में सरहुल पूजा करने गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ सरना आदिवासी समाज के ही लोगों ने काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री को आदिवासियों का आक्रोश पता नहीं क्यों नहीं दिख रहा? मुख्यमंत्री खुद को आदिवासी का बेटा और इस सरकार को आदिवासी मूलवासी की सरकार कहते हैं. तो फिर वे आंदोलनकारी सरना आदिवासियों से वार्ता से क्यों भाग रहे हैं?वार्ता से ही बड़े से बड़े गतिरोध होते हैं दूर
प्रतुल ने कहा कि लोकतंत्र में तो वार्ता से ही बड़े से बड़े ग़तिरोध दूर होते हैं. लेकिन मुख्यमंत्री आदिवासियों के एक प्रमुख सरना स्थल में चल रहे विवाद को दूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिख रहे हैं. आदिवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. झारखंड अलग राज्य की लड़ाई झारखंड के आदिवासी मूलवासी समाज को हक दिलाने के अतिरिक्त झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की भी लड़ाई थी. इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को पूर्वाग्रह से ग्रसित ना होकर अविलंब सिरम टोली सरना स्थल फ्लाई ओवर को लेकर चल रहे गतिरोध को दूर करना चाहिए. इसे भी पढ़ें -प्रदूषण">https://lagatar.in/bihar-foundry-management-should-stop-pollution-violence-otherwise-there-will-be-agitation-congress/">प्रदूषणकी हिंसा बंद करे बिहार फाउंड्री प्रबंधन, नहीं तो होगा आंदोलनः कांग्रेस
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