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अब मधुबनी में गिरा निर्माणाधीन पुल का गर्डर, तेजस्वी ने डबल इंजन की सरकार को घेरा

 
Madhubani :    बिहार में पुल गिरने की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं. राज्य में पिछले 10 दिनों में अररिया, सिवान, मोतिहारी और किशनगंज में निर्माणाधीन पुल भरभरा कर गिर गये. वहीं अब मधुबनी में भी निर्माणाधीन पुल के गर्डर गिरने की खबर सामने आ रही है. बताया जाता है कि मधेपुर प्रखंड के ललवारही के भूतही बालन नदी में दो दिन पहले ही निर्माणाधीन पुल के गर्डर की ढलाई हुई थी. इसी बीच बारिश हो गयी और पानी के तेज बहाव में सेंट्रिंग (गर्डर के लिए बनाया गया था) बह गया.  सेंट्रिंग बह जाने से गर्डर का सपोर्ट हट गया और गर्डर धराशायी हो गया. हालांकि राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी को कोई हताहत नहीं हुई.

तेजस्वी ने पांचवा पुल गिरने पर डबल इंडन की सरकार को बधाई दी

बिहार में 10 दिनों के अंदर पांचवा निर्माणाधीन पुल (गर्डर) गिरने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर हमला बोला है. तेजस्वी ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया कि बधाई हो! बिहार में डबल इंजन सरकार की डबल ताकत से महज नौ दिन में केवल और केवल मात्र पांच पुल ही गिरे है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रहनुमाई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में 𝟔 दलों वाली डबल इंजनधारी एमडीए सरकार ने बिहारवासियों को नौ दिन में पांच पुल गिरने पर मंगलराज की कल्याणमय उज्जवल शुभकामनाएं प्रेषित की है. पुलों के गिरने से जनता के स्वाहा हो रहे हजारों करोड़ को स्वघोषित ईमानदार लोग “भ्रष्टाचार” ना कह कर “शिष्टाचार” कह रहे हैं. पूर्व डिप्टी सीएम ने आगे लिखा कि विपक्षियों को भ्रष्टाचारी का नारंगी प्रमाण पत्र बांटने वाले तथा पक्षकारिता की पत्रकारिता में पृथ्वी और आकाश की सभी रैंकिंग में नंबर वन विश्व विजेता गोदी मीडिया द्वारा प्रमाणित सत्यवादी एवं अविनाशी नेता इन सुशासनी कारनामों पर मुंह क्यों नहीं खोलते? पुलों द्वारा जलसमाधि लेने पर विपक्षी नेता इस्तीफा दें.

18 जून से निर्माणाधीन पुल गिरने का सिलसिला जारी

बता दें कि बिहार में आये दिन पुल के गिरने का मामला सामने आ रहा है. सबसे पहले 18 जून को अररिया के सिकटी में बकरा नदी पर 12 करोड़ की लागत से बना पुल गिरा था. वहीं चार दिन बाद 22 जून को सिवान में दरौंदा और महाराजगंज ब्लॉक को जोड़ने वाली नहर पर बना पुल गिरा था. 23 जून को मोतिहारी के घोड़ासहन प्रखंड में डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा पुल भरभरा कर गिर गया था.इसके बाद 27 जून को बिहार के किशनगंज में कनकई और महानंद नदी को जोड़ने वाली सहायक नदी पर बना 70 मीटर लंबा पुल का पिलर अचानक ढह गया. इस तरह 10 दिनों के भीतर बिहार में चार पुल गिर गये. वहीं अब मधुबनी में भी निर्माणाधीन पुल का गर्डर गिर गया. इसके बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है. [wpse_comments_template]
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