ने जारी किया 12वीं का डेटशीट, देखें कब है किस विषय की परीक्षा जयंत सिन्हा ने सभी डॉक्टरों को शुभकामनाएं भी दीं और साथ ही साथ उनसे अपील की है कि वह ईमानदारी के साथ क्षेत्र में अपनी सेवा दें. जयंत सिन्हा का कहना है कि जिले में लगभग 120 करोड़ रुपए साल में डीएमएफटी फंड से मिलते हैं. उस पैसे का वे लोग हेल्थ सेक्टर पर भी उपयोग में ला रहे हैं. इसका लाभ तथा हजारीबाग वासियों को मिलेगा. इस दौरान बरही विधायक उमाशंकर अकेला ने भी कहा कि उनके इलाके में भी डॉक्टरों की कमी थी. डॉक्टरों की बहाली से क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा धरातल पर उतरेगी और लोगों को लाभ मिलेगा. बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि उनके कई ऐसे इलाके हैं, जो काफी दुर्गम हैं. उन इलाकों में भी डॉक्टरों की काफी कमी है. लेकिन इनके बहाली होने से वहां के लोगों को लाभ मिलेगा.
बरही और बड़कागांव विधायक ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उठाई मांग
कार्यक्रम के दौरान उमाशंकर अकेला ने उपायुक्त नैंसी सहाय एवं सांसद जयंत सिन्हा के सामने मांग भी रखी और कहा कि चौपारण में एक ट्रॉमा सेंटर अगर बन जाए तो बेहतर होगा. आए दिन चौपारण में दुर्घटनाएं होती हैं और मरीज को हजारीबाग लाना पड़ता है. इससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसे भी पढ़ें- आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-technical-fest-technica-2023-started-in-nit-95-participants-participated/">आदित्यपुर: एनआईटी में टेक्निकल फेस्ट टेक्निका-2023 का आगाज, 95 प्रतिभागी हुए शामिल अगर चौपारण में ट्रॉमा सेंटर बन जाए, तो बेहतर होगा. वहीं उन्होंने बरही में पोस्टमार्टम हाउस बन जाने के बाद भी अब तक सेवा शुरू हो नहीं होने पर सवाल खड़ा किया. इस पर सिविल सर्जन ने कहा कि उन लोगों के पास कर्मियों की कमी है. हजारीबाग में दो पोस्टमार्टम कर्मी हैं. वे लोग उपायुक्त को पत्र देने जा रहे हैं कि आवश्यकता अनुसार एक पोस्टमार्टम कर्मी को भेजा जाए ताकि वहां भी पोस्टमार्टम शुरू हो सके. विधायक अंबा प्रसाद ने मांग रखी कि बुंडू में अस्पताल बनकर तैयार है. लेकिन डॉक्टर और नर्स की कमी के कारण अस्पताल शुरू नहीं हो पाया है. अगर वहां डॉक्टर की बहाली की जाए, तो यह समस्या का समाधान हो सकता है. ऐसे में सांसद एवं उपायुक्त दोनों ने आश्वासन दिया कि वहां डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी. [wpse_comments_template]

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