NewDelhi : लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बढ़ कर 850 हो जायेगी. केंद्र की मोदी सरकार इस दिशा में अहम कदम उठाने जा रही है.
खबर है कि संसद में इसी गुरुवार,16 अप्रैल को केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर पारित कराने की जुगत में है.
STORY | Bill on women quota seeks to increase Lok Sabha strength from 543 to up to 850
A bill to "operationalise" 33 per cent reservation to women in Lok Sabha and state assemblies by increasing the strength of the lower house to up to 850 from the present 543 is set for… pic.twitter.com/qdQeskW31H
इन विधेयकों के पारित होने पर आगामी जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 किये जाने, निर्वाचन क्षेत्रों के नये सिरे से निर्धारण (Delimitation) और महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने का वैधानिक मार्ग प्रशस्त हो जायेगा.
बता दें कि केंद्र सरकार ने इन तीन प्रमुख विधेयकों का मसौदा सांसदों को दे दिया है. विधेयक में संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रावधान है. इसके तहत लोकसभा के लिए राज्यों से अधिकतम 815 सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुन कर आयेंगे.
इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 35 सदस्य चुने जायेंगे.नये विधेयक में सीटों के पुनर्निर्धारण के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जायेगा. जनसंख्या का अर्थ उस जनगणना के आंकड़ों से होगा, जिनकी आधिकारिक रूप से घोषणा हो चुकी है.
अहम बात यह है कि सरकार (मोदी) का उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को प्रभावी बनाना है. इसके तहत लोकसभा, विधानसभा और केंद्र शासित प्रदेशों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
विधेयक में संविधान के अनुच्छेद 239AA, 330A, 332A और 334A के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई (1/3) सीटों का आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी शामिल किया गया है.
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