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गैस का दाम कम हो : प्रतिमा मुंडा
जमशेदपुर की गृहिणी प्रतिमा मुंडा का कहना है कि इस बजट में गैस के दाम से राहत मिलनी चाहिए. गैस ने घर का बजट ही बिगाड़ कर रख दिया है. पिछली बार भी इस दिशा में सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिया गया था. रसोई के सामान में राहत देने की जरूरत है. आज बेरोजगारी बढ़ती जा रही है. ऐसे में रोजमर्रा उपयोग होने वाले सामान खरीद पाने में परेशानी हो रही है. बजट हर तरह से संतुलित हो.alt="" width="150" height="150" />
महंगाई से मिले राहत : गीता देवी
जमशेदपुर की गृहिणी गीता देवी ने कहा कि प्रत्येक साल घरेलू उपयोग के सामान का रेट बढ़ा दिया जाता है. इस बार कम से कम महंगाई से राहत देने की जरूरत है, क्योंकि कोरोना काल से अभी तक लोग उबर नहीं सके हैं. ठीक से काम-धंधा भी नहीं चल रहा है. ऐसे में घर-परिवार चला पाने में भी कठिनाई हो रही है. महंगाई कम होने से ही घर के बजट को संतुलित कर सकते हैं.alt="" width="150" height="150" />
पेट्रोल की कीमतों पर लगाम लगे : कुमुद
जमशेदपुर की कुमुद शर्मा का कहना है कि इस बार का बजट आम जनता को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए. पेट्रोल और डीजल की कीमतों से भी राहत देने की जरूरत है. रेट ज्यादा होने के कारण अब बाइक और स्कूटी चला पाना आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. महिलाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है. प्राइवेट स्कूलों में खासकर छात्राओं को छूट दी जानी चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
राज्यभर में जेनेरिक दवाइयां सभी जगह मिले : छवि विश्वकर्मा
जमशेदपुर की गृहिणी छवि विश्वकर्मा का कहना है कि आज इलाज काफी महंगा साबित हो रहा है. दवाइयों के दाम आसमान छू रहे हैं. अगर सरकार की ओर से जेनेरिक दवाइयों की सुविधा सभी दुकानों में दी जाती है तो इसका लाभ गरीबों को मिल सकता है. आज गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं.alt="" width="150" height="150" />
जरूरत के सामानों की कीमत में बढ़ोतरी न हो : मनीषा शर्मा
जमशेदपुर की गृहिणी मनीषा शर्मा का कहना है कि जिस तरह से आज महंगाई बढ़ती जा रही है, उससे मध्यम वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. कोरोना काल के समय जब काम-धाम नहीं चल रहा था तब सामान का रेट बढ़ा दिया गया था. बजट में सरकार को घरेलू उपयोग के सामान के दाम नहीं बढ़ाना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
गैस सिलेंडर में सब्सिडी की घोषणा करे सरकार :सुशीला देवी
पाकुड़ के गृहिणी सुशीला देवी ने कहा कि झारखंड सरकार को गैस सिलेंडर में सब्सिडी की घोषणा करनी चाहिए. साथ ही खाने-पीने के जरूरी चीजों की आसमान छूती कीमतों से राहत देने के लिए बड़ी घोषणाएं करनी चाहिए. बजट ऐसा हो कि इसका प्रतिकूल प्रभाव किसी वर्ग पर नहीं पड़े.alt="" width="150" height="150" />
महंगाई से घर और किचन का बजट गड़बड़ा गया है : द्रुत हेंब्रम
पाकुड़ के गृहिणी द्रुत हेंब्रम ने कहा कि बेतहाशा महंगाई से घर और किचन का बजट गड़बड़ा गया है. ईंधन और सब्जी, फल, चावल, दाल, तेल, मसाले सहित तमाम खाद्य पदार्थों के दाम कम होने चाहिए. बजट में सरकार को राज्य की छात्राओं के लिए निःशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
खाद्य पदार्थों की महंगाई कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं : सावित्री
पाकुड़ के गृहिणी सावित्री हेंब्रम ने कहा कि हम लोग गांव में रहते हैं. यहां आय का स्रोत बहुत कम है और महंगाई बहुत अधिक है. चावल, दाल, आटा, तेल जैसे रोजमर्रा की ज़रूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में आग लगी हुई है. पूरा बजट गड़बड़ा गया है. सरकार को खाद्य पदार्थों की महंगाई कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया : सुशन्या
पाकुड़ के गृहिणी सुशन्या मुर्मू ने कहा कि आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया हो गया है. सभी चीजों के दामों में इजाफा हुआ है. किचन से दाल, सलाद, फल गायब ही हो गये हैं. बजट बिगड़ने के कारण उधार बढ़ गया है. एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी कमी होनी चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
किचन का बजट बिगड़ गया है : शबरी पाल
पाकुड़ के गृहिणी शबरी पाल ने कहा कि विगत कुछ वर्षों से किचन का बजट बिगड़ गया है. चावल, आटा. दाल, तेल जैसे खाने के बुनियादी सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं. अंडा, मांस, मछली तो लग्जरी साबित हो रहा है. एलपीजी सिलेंडर भी काबू से बाहर है.alt="" width="150" height="150" />
महंगाई से राहत प्रदान करे बजट : नूरजहां
गिरिडीह के तिसरी प्रखंड के गोसाईमहरी गांव निवासी नूरजहां खातून का बजट को लेकर कहना है कि बजट वैसा पेश हो जिससे कमरतोड़ महंगाई से राहत मिल सके. महंगाई से लोग परेशान हैं. महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. झारखंड में गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ापन बड़ी समस्या है. बजट इन बिंदुओं को ध्यान में रहकर तैयार किया जाना चाहिए. बजट में महंगाई कम करने के साथ-साथ रोजगार सृजन, कृषि और किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए.alt="" width="150" height="150" />
महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करें : मिष्टु देवी
गिरिडीह के जमुआ प्रखंड प्रमुख सह गृहिणी मिष्टु देवी का कहना है कि बजट आधी आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए. बजट में महिलाओं को सुरक्षा प्रदान किया जाए. बजट से राज्य में खुशहाली आए. कानून व्यवस्था मजबूत करने पर जोर हो.alt="" width="150" height="150" />
राज्य का आम बजट हर तरह से संतुलित होना चाहिए : सुमन सिंह
शिहोडीह निवासी गृहिणी सुमन सिंह ने बताया कि राज्य का आम बजट संतुलित होना चाहिए. इससे हर वर्ग के लोग राहत महसूस कर सके. गृहिणियों को बजट से काफी उम्मीद है. बढ़ती महंगाई से रसोई का जायका दिनोंदिन बिगड़ता जा रहा है. बजट में महंगाई पर ध्यान रखा जाए. लोग काफी परेशान हैं.alt="" width="150" height="150" />
गैस सिलेंडर पर सब्सिडी की योजना बने, ताकि कुछ राहत मिले : रंजना
जामताड़ा की गृहिणी रंजना कुमारी ने कहा कि महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट बनाना चाहिए. खासकर रसोई गैस के मूल्य को कम करने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी की घोषणा होनी चाहिए. हेमंत सरकार ने बीपीएल परिवारों के लिए पेट्रोल पर प्रति लीटर 25 रूपये सब्सिडी का एलान किया था. उसी तर्ज पर रसोई गैस में भी सब्सिडी या सिलेंडर मुफ्त देने की योजना बननी चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
बजट में रोजगार के संसाधनों के विकास पर बल मिले : बबीता सोरेन
जामताड़ा की गृहिणी बबीता सोरेन का कहना है कि हर बजट में यहीं उम्मीद रहती है कि सरकार महंगाई पर कंट्रोल करने के लिए कदम उठाएगी, परंतु दिनोंदिन महंगाई बढ़ती जा रही है. ग्रामीण इलाकों के महिलाओं के लिए बजट में रोजगार के संसाधनों के विकास पर बल देना चाहिए. आज के समय महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होना बहुत जरूरी है. इसलिए सरकार इस ओर जरूर ध्यान दे.alt="" width="150" height="150" />
खाद्य पदार्थों की कीमतों में कटौती करे सरकार : मिताली मंडल
जामताड़ा की गृहिणी मिताली मंडल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में इस कदर आग लग गई है कि जरूरत होने पर भी उसे खरीदना मुश्किल हो गया है. सरकार महंगाई कम करने और महिलाओं के उत्थान के लिए कई तरह की योजनाएं और राहत देने की घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका लाभ मिलना सपने के बराबर हो जाता है.
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alt="" width="150" height="150" /> बजट में रसोई गैस की कीमत कम की जाए : अनिमा सिंह
साहिबगंज सदर प्रखंड के बंगाली टोला निवासी गृहिणी अनिमा सिंह ने बताया कि महंगाई से लोग त्रस्त हैं. महंगाई का असर रसोई पर पड़ा है. रसोई गैस से लकर खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ा दिए गए हैं. इस स्थिति में घर चलाना मुश्किल हो गया है. बजट में रसोई गैस की कीमत कम की जाए. खाद्य सामग्रियों के दाम भी कम किये जाने चाहिए. alt="" width="150" height="150" />
सरकार को संतुलित बजट पेश करना चाहिए : लखी देवी
साहिबगंज सदर प्रखंड के पचगढ़ निवासी लखी देवी का कहना है कि झारखंड सरकार को संतुलित बजट पेश किया जाना चाहिए, जिससे हर वर्ग को राहत मिले. बजट से गृहिणियों को अपेक्षाएं हैं. बढ़ती महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ चुका है. बजट में खाद्य सामग्रियों के दाम कम किये जाएं, ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके.alt="" width="150" height="150" />
खाद्य सामग्रियों के कीमत को कम करना चाहिए : रितु
साहिबगंज सदर प्रखंड के पचगढ़ निवासी रितु देवी ने बताया कि बढ़ती महंगाई के कारण मध्य वर्गीय परिवार को घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. खाने-पीने के सामानों के दाम में बढ़ोतरी की गई है. बजट में महंगाई पर लगाम लगे. खाद्य सामग्रियों के दाम कम किए जाएं. बजट में बेटियों को सरकारी नौकरी का प्रावधान हो.alt="" width="150" height="150" />
रोटी, कपड़ा और मकान की जरूरत पूरी की जाए : पुतुल
साहिबगंज सदर प्रखंड के केलाबाड़ी मोहल्ला निवासी पुतुल देवी का कहना है कि रोटी, कपड़ा और मकान ये तीन मनुष्य की बुनियादी आवश्यकता है. बजट में इन तीनों बुनियादी जरूरत को पूरा किया जाए. महिलाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान हो. उनके स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए भी योजना बने.alt="" width="150" height="150" />
बजट में चिकित्सा, शिक्षा और भोजन का विशेष ख्याल रखे सरकार : डॉ. ईशानी रॉय
धनबाद की डॉ. ईशानी रॉय ने कहा कि आगामी बजट में राज्य सरकार को चिकित्सा, शिक्षा और भोजन पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. इससे निम्न और मध्यवर्गीय परिवारों को राहत मिल सकेगी. मौजूदा समय में इलाज, एजुकेशन और लोगों के खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई चरम पर है. चिकित्सा और एजुकेशन के चक्कर मे लोग अपनी संपत्ति को बेचने को मजबूर हैं. सरकार को इन तीनों समस्याओं के समाधान के लिए बजट में विशेष प्रावधान करना चाहिए, ताकि आम जनता अपने बच्चों को दो वक्त की रोटी के साथ अच्छी शिक्षा और चिकित्सा उपलब्ध करा सके.alt="" width="150" height="150" />
बजट में इलाज और किराना सामान पर छूट देने का प्रावधान जरूरी : मोनुजा मजूमदार
धनबाद की रहने वाली गृहिणी मोनूजा मजूमदार ने कहा कि इस बार के बजट में सरकार को गृहणियों के ऊपर विशेष ध्यान देना चाहिए. खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छूती जा रही हैं. यही नहीं, इलाज पर भी लोगों को अधिक से अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. इसके चलते निम्न और मध्यवर्गीय परिवारों का बजट गड़बड़ा गया है. इस बार के बजट में सरकार से इलाज और खाद्य पदार्थों में बड़ी राहत मिलने की हर किसी को उम्मीद है.alt="" width="150" height="150" />
सरकार सभी प्रकार की सब्सिडी बंद कर महंगाई पर रोक लगाए : अनीसा केसरी
हीरापुर की रहने वाली गृहिणी अनीसा केसरी ने कहा कि सरकार सभी प्रकार की सब्सिडी को बंद कर बढ़ती महंगाई पर रोक लगाए. बढ़ती महंगाई के कारण आज तमाम गृहिणियों के घरों का बजट गड़बड़ हो गया है. बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली बिल, किराना का खर्च चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 400 रुपए का गैस सिलेंडर आज 1110 रुपये में मिल रहा है. सरकार तमाम सब्सिडी को बंद कर महंगाई पर रोक लगाए, ताकि मध्यवर्गीय और गरीब परिवार थोड़ी चैन की जिंदगी बिता सकें.alt="" width="150" height="150" />
सरकार को बजट में आम जनता की तकलीफों का ध्यान रखना चाहिए : नेहा साव
धनबाद की गृहिणी नेहा साव ने कहा कि इस बजट में राज्य सरकार को आम जनता को ध्यान में रखना चाहिए. जनता महंगाई की मार से परेशान है. बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के उपाय किए जाएं. इसके साथ ही आम जनता पर लगाए गए तरह-तरह के टैक्स में भी राहत देने की जरूरत है. झारखंड में विभिन्न तरह के टैक्स आम जनता के माथे मढ़ दिए गए हैं. ऊपर से बढ़ती महंगाई ने लोगों की जिंदगी मुश्किल में डाल दी. सरकार से उम्मीद है कि इस बजट में आम जनता को टैक्स व रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलेगी.alt="" width="150" height="150" />
सरकार संतुलित बजट पेश करे, जिससे सभी वर्ग संतुष्ट रहे : पूनम नारायण
चाईबासा अमला टोला निवासी गृहिणी पूनम नारायण ने कहा कि एक परिवार को चलाने के लिए संतुलित बजट होना बहुत जरूरी है. महंगाई में थोड़ा भी असंतुलन पूरे घर के बजट को खराब कर देगा. घर की बहुत जरूरी सामग्रियों में बजट के अनुसार कमी की जा सकती है, लेकिन अधिक होने की तो संभावना ही नहीं. ऐसे में सरकार को ऐसा बजट बनाना चाहिए जो कम से कम महिलाओं पर भारी न पड़े और उनकी गृहस्थी की गाड़ी चलती रहे.alt="" width="150" height="150" />
घरेलू गैस व खाद्य तेलों की कीमत पर हो नियंत्रण, महंगाई से है परेशानी : संजू देवी
चाईबासा के हिंदी चौक की रहने वाली संजू देवी ने कहा कि सरकार घरेलू गैस से लेकर खाद्य तेलों एवं अन्य उपभोक्ता सामग्री की बढ़ती हुई कीमतों पर नियंत्रण करने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाए जिससे कि आम उपभोक्ताओं को महंगाई से निजात मिल सके. उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी सभी लोगों के साथ है, इसलिए सरकार को जनहित में ध्यान रखते हुए कुछ इस तरीके से बजट को प्रस्तुत करें कि आम उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके. इसके लिए जरूरी है कि सबकी राय लेकर एक सामान्य बजट की प्रस्तुति दी जाए.alt="" width="150" height="150" />
खाद्य पदार्थों के मूल्य घटाएं : संध्या नायक
चाईबासा के बांधपाड़ा निवासी संध्या नायक ने कहा कि रुपयों में अवमूल्यन के कारण महंगाई की दर में वृद्धि हुई है. इसके लिए जरूरी है बाजार का नियंत्रण और बाजार के नियंत्रण के लिए खाद्य पदार्थों के मूल्य घटाएं. सरकार को प्रोजेक्ट बनाने से पहले खाद्य सामग्रियों के मूल्य निर्धारित कैसे करेंगे, इस पर विशेष फोकस करना होगा और इसके लिए जरूरी है कि उपभोक्ता सामग्रियों के मूल्यों में कमी की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को बढ़ती हुई महंगाई से कुछ राहत मिल सके.alt="" width="150" height="150" />
सरकार मूल्य नियंत्रण के लिए कदम उठाए : शांति
चाईबासा के गाड़ीखाना निवासी और सिल-लोढ़ा का कारोबार करने वाली महिला शांति करवा ने बताया कि गरीब हमेशा गरीब ही रह जाता है. सरकार के बजट से उम्मीदें बहुत कुछ रहती हैं, लेकिन बजट पर महंगाई नियंत्रण पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती. कुछ ऐसा कदम नहीं उठाया जाता जिससे आम उपभोक्ताओं खासकर मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार के लोगों को इससे राहत मिले. इसलिए जरूरी है कि सरकार बजट की प्रस्तुति से पहले हर किसी के किचन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, घर में प्रयोग में आने वाले वस्तु उनके मूल्यों पर नियंत्रण करने के कुछ कारगर कदम उठाएं, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस महंगाई से राहत मिल सके.मध्यमवर्गीय का रखें ध्यान : विंध्यवासिनी देवी
चाईबासा के अमला टोला निवासी विंध्यवासिनी देवी ने कहा कि बजट ऐसा हो जो आम गृहिणीयों के लिए सहायक हों उनकी समस्याएं ना बढ़े. पिछले वर्षों से लगातार बजट में कोई प्रावधान नहीं किए जाने के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित अगर कोई है तो घर की महिलाएं, क्योंकि किचन उन्हें ही देखना होता है. ऐसे में बजट का संतुलित होना जरूरी है. इसलिए मध्यमवर्गीय महिलाओं को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया जाए. सरकार को नरमी वाला बजट प्रस्तुत करने पर विचार करना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
सरकार अपना बजट मिडिल क्लास के लिए बनाए : मनीषा विजय
रांची की गृहिणी मनीषा विजय ने कहा कि इस बार के बजट में सरकार को महंगाई पर काबू करने पर ध्यान देना चाहिए. बजट मिडिल क्लास फैमिली को देखकर बने तो हमारे लिए लाभदायक होगा. खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की चीजें के दाम काफी बढ़ रहे हैं. सरकार इस बार के बजट में उन चीजों के दाम पर काबू करने के उपाय करने चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
खाद्य पदार्थों के दाम कम करने का हो प्रावधान : गायत्री मिश्रा
रांची की गृहिणी गायत्री मिश्रा ने कहा कि महंगाई अपनी चरम सीमा पर है. घर का बजट हर महीने बढ़ते जा रहा है. सरकार से हमें उम्मीद है कि वह इस बार के बजट में रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों के दाम कम हो, ऐसे प्रावधान करें. सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बजट को बढ़ाएं ताकि बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिल सके. सरकार गैस की सब्सिडी को बढ़ाए.alt="" width="150" height="150" />
महंगाई पर काबू लाने वाला बजट बनाए सरकार : सोनम दुबे
रांची की गृहिणी सोनम दुबे ने कहा कि हर बजट से हमारी बस एक ही उम्मीद रहती है कि बजट मिडिल क्लास को देखकर बनाया जाए. किचन समेत रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले चीजों के दाम काफी बढ़े हुए हैं. सरकार को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. महंगाई चरम सीमा पर है. घर का बजट हर महीने ऊपर नीचे होता रहता है.alt="" width="150" height="150" />
राज्य के बजट में हर वर्ग के लिए कुछ ना कुछ हो : रंजीता सिंह
रांची की गृहिणी रंजीता सिंह राठौड़ ने कहा कि बजट से यही उम्मीद है कि खाद्य पदार्थ की चीजों के दाम सरकार कम कर दे. गैसों में सब्सिडी बढ़ा दे. शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए, ताकि गरीब से गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके. बजट ऐसा हो कि जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ ना कुछ हो और सभी को बजट से लाभ हो.alt="" width="150" height="150" />
महिला सुरक्षा के लिए अलग से प्रावधान करना चाहिए : ज्योति
रांची की गृहिणी ज्योति मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सेविंग अकाउंट पर महिलाओं को एक्स्ट्रा रेट दिया जा रहा है, इसी तर्ज पर राज्य सरकार महिलाओं के लिए अच्छी योजनाएं बना सकती हैं. महिलाओं के लिए अलग से कॉलेज खोलने की जरूरत है. उसके लिए बजट अलग से दिया जाए. महिला सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है. इसके लिए अलग प्रावधान हो.alt="" width="144" height="150" />
बजट में महिलाओं के हित के लिए अलग से प्रावधान : स्नेहा जैन
कोडरमा निवासी स्नेहा जैन काला ने बताया कि बजट का महिलाएं काफी बेसब्री से इंतजार करती हैं. क्योंकि महिलाएं खुद घर का बजट बनाती हैं. उन्हें घर चलाना होता है. इसलिए केंद्र हो या राज्य का बजट, महिलाएं का ध्यान इसपर जरूर रहता है. राज्य सरकार अपने आनेवाले बजट में राज्य की महिलाओं के हित के लिए अलग से प्रावधान करे.alt="" width="150" height="150" />
आम महिलाएं बढ़ती महंगाई के कारण परेशान हैं : सुनीता जैन
कोडरमा निवासी सुनीता जैन ने बताया कि आम महिलाएं बढ़ती महंगाई के कारण परेशान हैं. उन्हें अपने घर का बजट बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. राज्य सरकार भी कई तरह के टैक्स लगाती है, जिससे खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है. इसलिए राज्य सरकार अपने हिस्से के टैक्स में कटौती करे.alt="" width="150" height="150" />
शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों को मिले प्राथमिकता : कल्पना
कोडरमा निवासी कल्पना जैन सेठी ने बताया कि महिलाओं की आज की सबसे बड़ी समस्या है कि वह अपने पैरों पर खड़ी हो जाए. सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों का ख्याल रखना चाहिए. सरकार ध्यान रखे कि सभी युवतियां शिक्षित हो और अपने पांव पर खड़ी हो जाए. क्योंकि आज के जमाने में स्वावलंबी बने बगैर समाज में अपना अगल मुकाम बनाना काफी मुश्किल है. इस ओर बजट में ध्यान केंद्रित करना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
प्रतियोगी परीक्षाएं नहीं होने से युवतियां हक से वंचित : रीता जैन
कोडरमा निवासी रीता जैन सेठी ने बताया कि राज्य सरकार को अपनी नियोजन नीति को लेकर असमंजस की स्थिति खत्म करनी चाहिए. तभी युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता प्रशस्त होगा. कई लड़कियां सरकारी नौकरी के लिए तैयारी में जुटी हुई हैं, लेकिन परीक्षा नहीं होने से उनकी शादी करा जी जा रही है और वे अपने अधिकार से वंचित हैं. इससे उनके सुनहरे भविष्य पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.alt="" width="150" height="150" />
अपने हिस्से के टैक्स में कटौती करे राज्य सरकार : पिंकी जैन
कोडरमा निवासी पिंकी जैन ने बताया कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है. केंद्र की हो या फिर राज्य की सरकार इस ओर कारगर कदम उठाना जरूरी है. राज्य सरकार को अपने हिस्से के टैक्स की कटौती करके महंगाई से आम लोगों को राहत दिलाना चाहिए. तभी यह सरकार आम लोगों की सरकार कहलाएगी. महंगाई के कारण घर चलाने में परेशानी है.alt="" width="150" height="150" />
महंगाई पर नियंत्रण रखे राज्य सरकार : प्रतिमा मिश्रा
हजारीबाग के नूतननगर निवासी प्रतिमा मिश्रा का कहना है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण रखे. बजट में रसोई गैस, तेल, मसाला समेत अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमत नहीं बढ़े. बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान रखे कि किताब, कॉपी आदि महंगा नहीं हो. रसोईघर पर खर्च बढ़ने से सब प्रभावित हो जाता है.alt="" width="150" height="150" />
मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सरल और सुलभ बजट हो : शिप्रा जैन
हजारीबाग के नवाबगंज निवासी शिप्रा जैन कहती हैं कि मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सरल और सुलभ बजट हो. रसोईघर पर बोझ न पड़े, ऐसा बजट हो. खाद्य सामग्रियों की कीमत घटाने की जरूरत है. काफी महंगाई झेलनी पड़ रही है. ऐसी वस्तुओं की कीमत बढ़े, जिससे अमीर वर्ग को फर्क नहीं पड़ता है.alt="" width="150" height="150" />
बजट में गृहिणियों का भी ख्याल रखे सरकार : राजरानी सिन्हा
हजारीबाग के नूरा निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका राजरानी सिन्हा कहती हैं कि सरकार बजट में गृहिणियों का भी ख्याल रखे. सबकुछ राज्य में पेश होनेवाले बजट पर ही निर्भर है. पहले से ही महंगाई बढ़ी हुई है, इसे नियंत्रित करें. रसोई गैस से लेकर खाद्य सामग्रियों के मूल्यों को घटाने की जरूरत है.alt="" width="150" height="150" />
महिलाओं के लिए विशेष पैकेज देने की जरूरत : मीतू मिश्रा
हजारीबाग के ओकनी निवासी मीतू मिश्रा कहती हैं कि महिलाओं के लिए सरकार बजट में विशेष पैकेज दे. यह महिलाओं के आर्थिक उत्थान में सहायक होना चाहिए. महंगाई को नियंत्रित करने की जरूरत है. बजट में ख्याल रखें कि बच्चे स्कूल में बेहतर ढंग से पढ़ सकें. शिक्षा पर भी ज्यादा खर्च करना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण ही बजट से उम्मीद : निधि सिन्हा
हजारीबाग के नूरा निवासी निधि सिन्हा कहती हैं कि महंगाई पर नियंत्रण ही बजट से उम्मीद है. महंगाई के कारण घर का पूरा बजट बिगड़ जाता है. बड़ी मुश्किल से रसोईघर चलाना पड़ता है. बचत के नाम पर कुछ नहीं हो पाता है. रसोईघर का बजट उन्हें ही संभालना पड़ता है. इसलिए काफी आशा है.alt="" width="150" height="150" />
बजट में महंगाई पर नियंत्रण का प्रावधान करें : पुष्पा देवी
घाटशिला कॉलेज रोड निवासी गृहिणी पुष्पा देवी ने कहा कि बजट में सरकार को चाहिए कि महिलाओं के घरेलू उपयोग के सामान पर नियंत्रण करे. इससे मध्यम वर्ग के लोगों को दो जून की रोटी मिलेगी. केंद्र सरकार ने तो अपने आम बजट में घरेलू व कॉस्मेटिक उपयोग के सामान में लॉलीपॉप पकड़ा दिया.alt="" width="150" height="150" />
बजट में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास हो : मुन्नी देवी
घाटशिला के दहीगोरा निवासी मुन्नी देवी ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए. युवाओं को सुलभ तरीके से ऋण मुहैया कराने की दिशा में कारगर निर्णय लें. छोटे उद्योगों को टैक्स के प्रावधान से मुक्त रखें. कौशल विकास के नाम पर सिर्फ प्रमाण पत्र देने के बजाय बेरोजगारी उन्मूलन हो.शुभम संदेश की पहल पर झारखंड के बजट पर झारखंड चैंबर ने की परिचर्चा
व्यवसायियों को अच्छे बजट की आस, दिए कई कारगर सुझाव
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव 3 मार्च को झारखंड सरकार का सालाना बजट पेश करने वाले हैं. कृषि बिल, नियोजन नीति और स्थानीय नीति समेत कई मुद्दों को लेकर ये बजट सत्र काफी अहम माना जा रहा है. शुभम संदेश ने बजट सत्र को लेकर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज- एफजेसीसीआई के सदस्यों के साथ शुक्रवार को रांची चैंबर भवन में परिचर्चा की, जिसमें उन्होंने अपने विचार रखे.alt="" width="150" height="150" />
बंद पड़ी खदानों को खोला जाना चाहिए : किशोर मंत्री
एफजेसीसीआइ के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि बंद पड़ी खदान को शुरू करना जरूरी है. राज्य को इससे कम से कम 20 करोड़ का फायदा होगा. माइनिंग लीज का निराकरण हो. सरकार को उत्पाद नीति के बारे में सोचना चाहिए. ओडिशा और कर्नाटक की तर्ज पर काम करना चहिए. स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, ट्राइबल बिजनेस डेवलपमेंट, टेक्सटाइल पार्क और हर जिले में लैंड बैंक हो.alt="" width="150" height="150" />
नेशनल और इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी बने: आदित्य
आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि सरकार से इस बार बहुत आशा है. अगले साल राज्य चुनाव भी है. इस साल कम से कम अच्छा बजट बनाना जरूरी है. राज्यभर में नेशनल और इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है, जिससे कि यहां से बाहर जाने वाले छात्र अपने ही राज्य में पढ़ाई कर सकें. हेल्थ सेक्टर में भी सरकार को सोचना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
झारखंड में आईटी पार्क का निर्माण कराया जाए : अमित
अमित शर्मा ने बताया कि इस बार बजट में राज्य में आईटी पार्क का निर्माण करने का प्रावधान जरूर हो. इससे राजस्व बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि ट्रेड लाइसेंस की बाध्यता को खत्म करना बहुत जरूरी है. सरकार को होल्डिंग टैक्स पर ध्यान देने की जरूरत है. शहरी विकास यानी की मुक्ति स्टोरेज पार्किंग के बारे में सोचना जरूरी है और जल्द से जल्द निर्माण होना चाहिए.alt="" width="150" height="150" />
राजधानी से इंटरनेशनल कनेक्टिविटी जरूरी : शैलेश
शैलेश अग्रवाल ने बताया कि रांची एयरपोर्ट में फैसिलिटी को बढ़ाने की जरूरत है. इस बार बजट में रांची एयरपोर्ट पर सुविधाओं को दुरुस्त करने का प्रावधान भी करना चाहिए. रांची से इंटरनेशनल कनेक्टिविटी भी जरूरी है. राज्य में पर्यटन को लेकर काम करना चाहिए. रांची के नजदीक पतरातू को मालदीव जैसा बनाना चहिए ताकि राज्य का टूरिस्ट सेक्टर बढ़े.alt="" width="150" height="150" />

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