LagatarDesk : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) 2025 से कोई भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं करेगी. एजेंसी सिर्फ हायर एजुकेशन एंट्रेस एग्जाम का आयोजन करेगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज 17 दिसंबर को संसद में यह बात कही. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह कदम मेडिकल प्रवेश नीट परीक्षा के कथित लीक और लीक व अन्य गड़बड़ियों के कारण परीक्षाओं के रद्द होने के बाद साल की शुरुआत में गठित एक उच्च स्तरीय पैनल की सिफारिश पर आधारित है.
https://twitter.com/PTI_News/status/1868911472849596428 https://twitter.com/PTI_News/status/1868899512774750696 https://twitter.com/PTI_News/status/1868896568264335363 2025 में एनटीए का होगा पुनर्गठन, 10 नये पद किये जायेंगे सृजित
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2025 में एनटीए का पुनर्गठन किया जायेगा और 10 नये पद सृजित किये जायेंगे. आगे कहा कि मंत्रालय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ इस बारे में भी बातचीत कर रहा है कि क्या परीक्षा पारंपरिक पेन और पेपर आधारित तरीके से आयोजित की जानी चाहिए या कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में बदल दिया जाना चाहिए. बता दें कि एनटीए की ओर से अभी नीट यूजी, जेईई मेन्स, यूजीसी नेट, सीयूईटी, सीमैट, ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट सहित कई प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी वर्तमान में भर्ती परीक्षा का भी आयोजन करता है.
परीक्षा रद्द करने और फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया था खारिज
कथिन नीट यूजी 2024 पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों ने एनटीए पर भी कई गंभीर आरोप लगाये थे. जिसके बाद तत्कालीन एनटीए चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया था. वहीं एनटीए की कार्य प्रणाली की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी का भी गठन किया था. वहीं मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हो चुके 20 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर 5 मई को आयोजित नीट-यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करने, नये सिरे से परीक्षा आयोजित करने और परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की गयी थी. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एनटीए से जवाब मांगा था. केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था. केंद्र ने हलफनामे में कहा था कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है, जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. कहा गया कि सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है. साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. हलफनामे में यह भी लिखा गया कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाये. सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में परीक्षा को रद्द करने और फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था.
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