Ranchi/Hazaribagh: अमन साहू गिरोह ने एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या में शामिल होने से इंकार किया है. इसे लेकर गिरोह के मयंक सिंह ने सोशल मीडिया पर एक प्रेस बयान जारी किया है. जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि कुछ समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से जानकारी मिली है कि हत्या की इस घटना में हमारे गैंग का नाम जोड़ा जा रहा है. गैंग का इस हत्याकांड से कोई सरोकार नहीं है. मयंक सिंह ने कहा है कि उसके गैंग के द्वारा किसी घटना को अंजाम दिया जाता है, तो इसकी जिम्मेवारी ली जाती है. मयंक सिंह ने जारी प्रेस बयान में कहा है कि पुलिस का यह दावा गलत है कि उसके गैंग के द्वारा अपने लोगों को पेटी में कार्य दिलाने के लिए ट्रांसपोर्टर और अन्य कोयला व्यापरियों को दबाव बनाया जा रहा है. गैंग ऐसे किसी कार्य का समर्थन नहीं करती है. गैंग को भी अपने स्तर से जानकारी हुई है कि कुछ पूर्व उग्रवादी, अपराधी, नेता किस्म लोग भाई अमन साहू के नाम का इस्तेमाल कर कोल व्यापरियों, ट्रांसपोर्टरो के बीच अमन साहू के करीबी होने का दावा करते हैं और काम हासिल करने के लिए दबाव बनाते है. पुलिस को भी इसकी जानकारी है. पुलिस कार्रवाई करे. उल्लेखनीय है कि हजारीबाग के केरेडारी एनपीटीसी कोल प्रोजेक्ट में कार्यरत डीजीएम कुमार गौरव (42 वर्ष) की शनिवार को अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद से हजारीबाग पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. अपराधियों ने इस घटना को हजारीबाग-बड़कागांव रोड स्थित फतहा चौक पर अंजाम दिया. डीजीएम कुमार गौरव हजारीबाग शहर के मटवारी स्थित श्रीधर अपार्टमेंट के फ्लैट से केरेडारी के लिए सुबह 9:05 बजे निकले थे. वह स्कॉर्पियो (जेएच-01-एफएन-8079) से केरेडारी के पांडु स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे. इसी दौरान दो अपराधियों ने मौका देखते ही फायरिंग कर दी. इसमें एक गोली डीजीएम कुमार गौरव की पीठ में लगी, जबकि दूसरी गोली स्कॉर्पियो में लगी. घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बाइक पर सवार थे हेलमेट पहन रखा था. फायरिंग के बाद अपराधी फतहा चौक मैदान होते हुए पुंदरी जंगल की ओर भाग गये. डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देश पर एटीएस की टीम हजारीबाग पहुंचकर मामले की जांच में जुटी हुई है.
एनटीपीसी DGM हत्याकांड: अमन साहू गिरोह ने कहा- घटना में उसके गैंग का हाथ नहीं
Last Updated: Mar 09, 2025 12:00 AM (IST)