Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सुभाष चंद्र बोस पार्क में चल रहा है नर्सरी, निगम ने कर दिया है आवंटित

Basant Munda Ranchi: रांची नगर निगम और उपायुक्त कार्यालय के सामने स्थित देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक पार्क बनाया गया था, ताकि लोग सुभाष चंद्र बोस के बारे में अच्छे से जान सकें और उनके आदर्शों पर चल सकें. लेकिन अब नगर निगम ने नर्सरी चलाने वाले 21 लोगों को इस पार्क में दुकान लगाने का आवंटन कर दिया है. नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर नर्सरी वाला व्यक्ति नगर निगम को हर महीने 1500 रुपये दुकान लगाने के लिए जमा करता है. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/there-has-been-improvement-in-the-condition-of-education-in-jharkhand-literacy-rate-has-increased/">झारखंड

में शिक्षा की स्थिति में हुआ है सुधार, साक्षरता दर में हुई है वृद्धि

सूखे पत्तों और चबूतरे से घिरा है प्रतिमा

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/02/subhash-park.jpg">

class="size-full wp-image-1019414 aligncenter" src="
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/02/subhash-park.jpg"

alt="XCVACV" width="600" height="400" /> 8 दिसंबर 1995 को नेताजी की जन्मशताब्दी के अवसर पर राज्यपाल डॉ. ए.आर. किदवई द्वारा नेताजी की मूर्ति का लोकार्पण किया गया था. यह पार्क शहर में एकमात्र सुभाष चंद्र बोस के नाम पर बना पार्क है. लेकिन अब नर्सरी वालों ने इस पार्क पर कब्जा कर लिया है. यहां स्थापित प्रतिमा के चारों ओर सूखे पत्तों और गंदगी का ढेर लगा रहता है और नगर निगम के कर्मचारी कभी भी यहां सफाई करने के लिए नहीं पहुंचते हैं.

फुटपाथ पर भी अवैध कब्जा

नर्सरी वालों को जहां नर्सरी लगाने के लिए जगह आवंटित की गई है, वहां न लगाकर वे सभी लोग फुटपाथ पर अपनी दुकानें लगा रहे हैं. इससे फुटपाथ पर चलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/female-headed-families-disabled-persons-and-transgenders-are-deprived-in-jharkhand-there-are-2-270-transgenders-in-the-state/">झारखंड

में महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांग व्यक्ति और ट्रांसजेंडर हैं वंचित, राज्य में हैं 2.270 ट्रांसजेंडर

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही