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व्यक्तिगत लाभ के लिए वन क्षेत्रों में अधिकारी लगा रहे आरा मशीन प्लांट, अब नहीं लगेगा, जो लगा है उसे भी हटाएं : सीएम

 
Nitesh Ojha

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया है कि वन आधारित क्षेत्रों में अब आरा मशीन प्लांट नहीं लगेगा. जो भी आरा मशीनें पहले से स्थापित हैं, उन्हें भी हटाने की दिशा में काम शुरू हो. उन्होंने कहा है कि वन आधारित 5 किलोमीटर क्षेत्रों में आरा मशीन प्लांट किसी भी कीमत पर नहीं लगेगा, अधिकारी यह सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों की कटाई को लेकर कई बार ग्रामीणों की शिकायतें मिली हैं. जंगल के बीच में आरा मिल का होना पदाधिकारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है. यह षड्यंत्र व्यक्तिगत हितों के लिए रचा जा रहा है. ऐसे लोगों को अपने कार्यशैली पर लगाम लगाने की जरूरत है. मुख्यमंत्री शुक्रवार को आईआईएम परिसर, पुंदाग में आयोजित 73वें वन महोत्सव-2022 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण पर ही जोर दिया.

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राज्य सरकार प्रति पेड़ 5 यूनिट बिजली फ्री देगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को प्राकृतिक संतुलन बनाकर ही रोका जा सकता है. झारखंड के शहरी क्षेत्र में रहने वाले वैसे परिवार जो अपने घर के कैंपस में पेड़ लगाएंगे, उन्हें राज्य सरकार प्रति पेड़ 5 यूनिट बिजली फ्री देगी. जब तक कैंपस अथवा घरों के परिसर में पेड़ रहेंगे, उन्हें यह लाभ मिलता रहेगा. परंतु ध्यान रहे यह पेड़ कोई गेंदा या गुलाब का पौधा नहीं बल्कि कोई फलदार या अन्य वृक्ष होनी चाहिए. श्री सोरेन ने कहा कि प्राकृतिक के साथ छेड़छाड़ करते हुए जिस प्रकार हम विकास की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, उससे विनाश को भी आमंत्रण दे रहे हैं. अगर सामंजस्य नहीं बैठाया तो मनुष्य जीवन को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इस अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव -सह - प्रधान सचिव एल.खियांग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – मुकुल">https://lagatar.in/mukul-kanitkars-lecture-emphasis-on-the-model-of-indigenous-education/">मुकुल

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