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अफसर नहीं चाहते, कर्मचारी बने उनके समकक्ष के अधिकारी

-जनवरी 2022 में सरकार ने लिया निर्णय, वरीयता के आधार पर तर्ड ग्रेड के कर्मियों का होगा सकेंड ग्रेड में प्रमोशन -विभागीय सचिव बार-बार अधीनस्थ अफसरों से पत्र लिखकर मांग रहें कर्मियों का ब्योरा, मगर विभागीय अफसर नहीं दे रहे कर्मियों का डिटेल Kaushal Anand Ranchi : झारखंड में अफसरों और कर्मियों का प्रमोशन एक बड़ी समस्या राज्य गठन के बाद से ही रही है. प्रमोशन की आस में कई अफसर और कर्मी सेवानिवृत्त तक हो जाते हैं. राज्य में जब हेमंत सोरेन की सरकार बनी तो इसको लेकर पहल हुई. सरकार ने जनवरी 2022 में एक नीतिगत फैसला लिया, जिसमें सरकार ने तय किया कि राज्य में अफसरों की कमी है. ऐसे में राज्य के विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे थर्ड ग्रेड के कर्मियों को वरीयता एवं आरक्षण के आधार पर प्रोन्नति दी जाएगी, मगर सरकार के इस निर्णय का करीब अब एक साल पूरे होने को हैं, मगर अब तक उनके ही विभाग के अफसर अपने कर्मियों का डिटेल विभाग को देने में बिना कारण विलंब और आना-कानी कर रहे हैं. इसका खमियाजा कर्मियों को उठाना पड़ रहा है.

कृषि निदेशक ने अपने अधीनस्थ अफसरों को लिखा पत्र, नाराजगी जाहिर

इसका सबसे बड़ा प्रमाण वह पत्र है जिसमें 11 जनवरी को कृषि निदेशक निशा उरांव ने अपने अधीनस्थ अफसरों को पत्र लिखा है. इसके पूर्व भी अवर सचिव संजय प्रसाद श्रीवास्तव ने 7 जुलाई 2022 को अपने अधीनस्थ अफसरों को पत्र लिखा. कृषि निदेशक निशा उरांव ने यह पत्र निदेशक उद्यान, निदेशक भूमि संरक्षण, सभी संयुक्त सचिव, उप कृषि निदेशक पौधा संरक्षण को लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आपके अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत सेवा कोटि-01 (शष्य), 03 (कृषि रसायन) तथा 09 (सांख्यिकी सहायक) के योग्य कर्मियों को झारखंड कृषि सेवा वर्ग-2 में प्रोन्नति प्रदान करने के लिए मूल सेवापुस्त सहित अन्य सूचना और अभिलेख कराने का अनुरोध विगत 7 जुलाई 2022 को किया गया था. मगर बार-बार अनुरोध के बावजूद भी अभी तक पूर्ण रूप से कार्यालय को प्राप्त नहीं है. इसके कारण प्रोन्नति के मामले में आगे की कार्यवाही नहीं हो पा रही है. इसलिए जल्द से जल्द अपने क्षेत्राधीन पदास्थापित कर्मियों से संबंधित प्रोन्नति प्रस्ताव सभी अभिलेख समेत अविलंब कार्यालय में समर्पित किया जाए. इसे प्राथमिकता के तौर लिया जाए. मिली जानकारी के अनुसार यही हाल करीब-करीब सभी विभागों का है. इससे साफ जाहिर होता है कि क्या अपने विभाग के अफसर नहीं चाहते हैं कि उनके थर्ड ग्रेड के कर्मी अफसर बनें.

ऐसे कर्मियों की संख्या पूरे राज्य में करीब 5000 से ऊपर है, जिन्हें ग्रेड-2 में मिलनी है प्रोन्नति

मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में करीब 32 विभाग हैं, जहां हर विभाग में थर्ड ग्रेड से ग्रेड-2 में प्रोन्नति पाने वालों की संख्या 400 से 500 के बीच है. इस हिसाब से पूरे राज्य में कम से कम 5000 से ऊपर थर्ड ग्रेड कर्मी हैं, जिन्हें प्रोन्नति देकर ग्रेड-2 का अफसर बनाना है. मगर विभाग के उनके अफसर इनकी डिटेल जानकारी देने में देरी कर रहे हैं. इसका खमियाजा झारखंड के विभिन्न विभागों के हजारों कर्मी उठा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : झामुमो">https://lagatar.in/double-headache-for-jmm/">झामुमो

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