Satya Sharan Mishra Ranchi: जैन धर्मावलंबियों के पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने का देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. उपलब्ध दस्तावेज के मुताबिक, पारसनाथ को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने का असाधारण गजट झारखंड सरकार ने 26 फरवरी 2019 को जारी किया था. इसके बाद 2 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार की ओर से भी इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी. उस वक्त तक झारखंड में रघुवर दास की सरकार थी. और उस सरकार में पर्यटन मंत्री अमर बाउरी थे, लेकिन अमर बाउरी को यह पता ही नहीं कि कि जिस विभाग के वे मंत्री थे, उसी विभाग ने सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किया था. इससे संबंधित संचिका कई बार उनकी नजरों से होकर गुजरी होगी और उन्होंने उस पर हस्ताक्षर भी किए होंगे, लेकिन अब अमर बाउरी कह रहे हैं कि सम्मेद शिखर को हेमंत सरकार में पर्यटन स्थल घोषित किया गया है. [pdfjs-viewer url="https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/NOTIFIED-TOURIST-SPOTS-IN-JHARKHAND-2.pdf"
attachment_id="517149" viewer_width=100% viewer_height=800px fullscreen=true download=true print=true] पूर्व मंत्री अमर बाउरी आगे कहते हैं कि सम्मेद शिखरजी मामले में हेमंत सरकार लोगों को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार का कहना है कि रघुवर सरकार में पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित किया गया, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है. रघुवर सरकार ने हमेशा सम्मेद शिखर की पवित्रता अक्षुण्ण रखने का काम किया है. बाउरी ने कहा कि हमारी सरकार ने इसे तीर्थ स्थल घोषित किया था. 22 अक्टूबर 2018 को पर्यटन विभाग से पत्र जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि पारसनाथ सम्मेद शिखरजी पर्वत सदियों से जैन धर्मावलियों का विश्व प्रसिद्ध पवित्र और पूजनीय तीर्थ स्थल है. इसकी पवित्रता अक्षुण्ण रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इसके बाद 17 फरवरी 2022 को एक गजट प्रकाशित हुआ जिसमें हेमंत सरकार ने सम्मेद शिखर को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित किया था. सारा विवाद इसके बाद से ही शुरू हुआ है. अमर बाउरी 17 फरवरी 2022 के जिस गजट का हवाला दे रहे हैं, वह झारखंड पर्यटन नीति की स्वीकृति से संबंधित है. इसमें इस बात का कहीं कोई उल्लेख नहीं है कि पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित किया गया है. सिर्फ यह कहा गया है कि पारसनाथ मंदिर धार्मिक पर्यटन की संभावना को बढ़ाता है, जबकि 26 फरवरी 2019 को प्रकाशित गजट में पारसनाथ को साफ-साफ पर्यटन स्थल घोषित किया गया है. [wpse_comments_template]
हे भगवान…ये अमर बाउरी क्या कह रहे हैं ?

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