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बसंत पंचमी 14 को, आकार लेने लगी मां की प्रतिमा, चंदा काटने निकली युवाओं की टोली

 

शहर में शुरू हुई तैयारियां

Rajan Bobby Ranchi : माघ शुक्ल पक्ष पंचमी 14 फरवरी को विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजनोत्सव की चहुंओर धूम रहेगी. घरों और शैक्षणिक संस्थानों में नेम-निष्ठा से मां शारदे की पूजा-अर्चना तो की ही जाएगी, गली-कूचों से लेकर चौक-चौराहो पर भी धूमधाम से पूजनोत्सव मनाया जाएगा। कहीं मयूर तो कहीं कमल और हंस में विराजमान विद्यादायनी की मनोहारी प्रतिमाओं की छटा देखते ही बनेगी. शहर में इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है. शिल्पकारों के यहां छोटी-बड़ी हंसवाहिनी की प्रतिमाएं गढ़ी जा चुकी है. रंग-रोगन और साज-सज्जा के काम को अंतिम रूप देने में मूर्तिकार रात-दिन जुटे हैं. जैसे-जैसे दिन नजदीक आता जा रहा, वैसे-वैसे विद्यार्थियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है. छोटे-बड़े बच्चे मोहल्ले में जोर-शोर से चंदा काट रहे. विविध थीम पर पंडाल निर्माण और साज-सज्जा को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा. कई जगहों पर पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. सोमवार से सभी जगह मां का दरबार सजाया जाएगा.

बसंत पंचमी का मान दिनभर

आचार्य श्यामसुंदर भारद्वाज ने पंचांगों की गणना कर बताया कि इस बार उदया तिथि में पंचमी मिलने से इसका दिनभर मान रहेगा. 13 फरवरी को पंचमी तिथि दोपहर 2.41 मिनट पर लग जाएगी, जो दूसरे दिन दोपहर 12.09 मिनट कर रहेगी. इसलिए सरस्वती पूजनोत्सव बुधवार को मनाना शास्त्रसम्मत होगा. उन्होंने बताया कि दिनभर मान होने से पूजन के लिए समय का बंधन नहीं है. लेकिन सुबह 07:01 से लेकर दोपहर 12.35 बजे तक मां की पूजा-अर्चना का अति शुभ मुहूर्त है.

बिजी रहेंगे पंडित जी

सरस्वती पूजा के लिए यदि पहले से पुरोहित तय नहीं किया गया, तो ऐन वक्त पूजारी मिलना मुश्किल हो जाएगा. क्योंकि घरों और सैकड़ों पूजा पंडालों में पूजन कराने के लिए विद्वानों की भारी कमी रहेगी. एक पुजारी कई जगहों पर पूजा-अर्चना कराने के लिए पहले से बुक हैं. आचार्य अजय मिश्रा बताते हैं कि उनकी मंडली में सौ से ज्यादा पुजारी हैं, पर सरस्वती पूजा के लिए सभी की भारी व्यस्तता है.

5 सौ की प्रतिमा बिकेगी हजार में

सरस्वती पूजा में इस बार महंगाई की मार अत्याधिक पड़ेगी. पांच सौ की प्रतिमा इस बार हजार रुपए में खरीदनी पड़ेगी. फल-फूल से लेकर पूजन सामग्री के भाव भी गत वर्ष की अपेक्षा बढ़े भाव में लेना होगा, क्योंकि इसमें भी 10 से 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. शिल्पकार आनंद मंडल और पिंटू मंडल बताते हैं कि पहले की अपेक्षा साज-सजावट के समान के दाम चार गणा बड़ गया है. ऐसे में मूर्ति निर्माण में अत्याधिक लागत आ रही है. दोगुना दाम में बेचने पर भी बचत पहले जैसी नहीं मिल पाएगी. इसे भी पढ़ें :  हेमंत">https://lagatar.in/modi-government-is-harassing-hemant-soren-champai-soren/">हेमंत

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