NewDelhi : एनसीपी चीफ शरद पवार द्वारा फिलिस्तीन (हमास) के समर्थन दिये गये बयान से ऱाजनीतिक गलियारों में भूचाल मच गया है. उन्होंने पीएम मोदी के इजरायल को समर्थन देने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था. कहा था कि भारत के पहले के सभी प्रधानमंत्री फिलिस्तीन के साथ मजबूती से खड़े थे, लेकिन पीएण मोदी ने अलग रुख अपना कर वास्तविक मुद्दे की अनदेखी की.
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शरद पवार के बयान के बाद भाजपा उन पर हमलावर हो गयी
शरद पवार के बयान के बाद भाजपा उन पर हमलावर हो गयी है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, नितिन गडकरी शरद पवार पर बरस पड़े हैं. शरद पवार पर हल्ला बोलते हुए फडणवीस ने मुंबई हमलों की याद दिलाई. उन्होंने कहा, आतंकवादी हमलों ने मुंबई को भारी नुकसान पहुंचाया है. 26/11 के दौरान, मुंबई ने कई नागरिकों को खो दिया था.
शरद पवार को वोट बैंक की राजनीति से दूर रहना चाहिए
फडणवीस आरोप लगाया कि इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर शरद पवार को चाहिए कि वो वोट बैंक की राजनीति से दूर रह कर आतंकवाद की निंदा करे. कहा कि पूरी दुनिया ने इजराइल में निर्दोष लोगों की हत्या की निंदा की है. भारत ने भी ऐसा ही किया है. असम के सीएम ने शरद पवार पर निशाना साधते हुए कहा, मुझे लगता है कि शरद पवार सुप्रिया मैडम को हमास के लिए गाजा लड़ने भेजेंगे.
पवार इजरायल में आतंकवादी हमले पर भारत के रुख पर बेतुके बयान दे रहे हैं
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शरद पवार के बयान पर हैरानी जताई. कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता इजरायल में आतंकवादी हमले पर भारत के रुख पर बेतुके बयान दे रहे हैं. गोयल ने एक ट्वीट में कहा, पवार जी उसी सरकार का हिस्सा थे, जिसने बाटला हाउस मुठभेड़ पर आंसू बहाये थे और भारत पर आतंकी हमले होने पर सो रहे थे.
गडकरी ने शरद पवार के गैर जिम्मेदाराना बयान की निंदा की
गडकरी ने शरद पवार के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए निंदा की. कहा कि भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ लगातार खड़ा रहा है. शरद पवार जैसे वरिष्ठ राजनेताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि राष्ट्र हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को कभी भी राजनीतिक विचारों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए.
पवार ने कहा था कि पूरी जमीन फिलिस्तीन की है
बता दें कि पवार ने कहा था कि पूरी जमीन फिलिस्तीन की है. इजरायल ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है. इजरायल बाहर का है. पवार ने जमीन को मूल रूप से फिलिस्तीनियों की करार देते हुए कहा था कि एनसीपी उन लोगों के साथ खड़ी है जो मूल रूप से इजरायल के रहने वाले हैं.
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे प्रधानमंत्री इजरायल के साथ खड़े हैं
शरद पवार ने, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, जवाहरलाल नेहरू, वाजपेयी का नाम लेकर कहा कि सभी के विचार फिलिस्तीन के साथ खड़े होने के समर्थन में थे. भारत हमेशा उन लोगों के साथ खड़ा रहा जो मूल रूप से वहां की जमीन और मकानों के मालिक हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहली बार हमारे प्रधानमंत्री असली मुद्दे को छोड़कर इजरायल के साथ खड़े हैं. उन्होंने असली मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया. हमें अपने रुख पर स्पष्ट होना चाहिए. एनसीपी का रुख स्पष्ट है. हम इस बात पर कायम हैं फिलिस्तीन मूल रूप से उस भूमि के निवासी हैं. [wpse_comments_template]
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