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रुपये की गिरावट पर RBI Governor ने कहा, विकसित-विकासशील देशों की करेंसीज की तुलना में रुपया ज्यादा मजबूत स्थिति में

NewDelhi : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास हाल के दिनों में रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट आने और 80 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर जाने को लेकर सफाई पेश की है. बता दें कि इस साल रुपये में डॉलर के मुकाबले करीब सात फीसदी गिरावट आयी है. गवर्नर Shaktikant Das ने आज शुक्रवार को कहा  कि विकसित और विकासशील देशों की करेंसीज की तुलना में रुपया ज्यादा मजबूत स्थिति में है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये में तेज उतार-चढ़ाव और अस्थिरता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा. कहा कि आरबीआई के कदमों से रुपये के सुगम कारोबार में मदद मिली है. इसे भी पढ़ें : IFPRI">https://lagatar.in/ifpri-report-heat-wave-will-triples-in-india-temperature-expected-to-rise-by-2-4-to-4-4-degrees/">IFPRI

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आरबीआई अमेरिकी डॉलर की सप्लाई कर रहा है

श्री दास के अनुसार आरबीआई अमेरिकी डॉलर की सप्लाई कर रहा है और इस तरह बाजार में नकदी (तरलता) की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई ने रुपये के किसी विशेष स्तर का लक्ष्य तय नहीं किया है. इस क्रम में कहा कि विदेशी मुद्रा की अप्रतिबंधित उधारी से परेशान होने की जरूरत नहीं है. उनके अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां बड़ी संख्या में ऐसे लेनदेन कर रही हैं. सरकार जरूरत पड़ने पर इसमें हस्तक्षेप कर सकती है और मदद भी दे सकती है. इसे भी पढ़ें :  अमित">https://lagatar.in/amit-shah-appeals-to-the-people-to-join-the-tricolor-campaign-at-every-house-tricolor-will-be-hoisted-at-20-crore-houses/">अमित

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आरबीआई हमेशा ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए फैसला लेता है

दास ने कहा कि मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण के लिए साल 2016 में अपनाये गये मौजूदा ढांचे ने बहुत अच्छा काम किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र के हित की खातिर यह जारी रहना चाहिए. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ब्याज दरों को बढ़ाने और लिक्विडिटी के मामले में आरबीआई हमेशा ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए फैसला लेता है. महंगाई को काबू में करने के लिए आरबीआई हाल में दो किस्तों में रेपो रेट में 90 बेसिस अंक की बढ़ोतरी कर चुका है. देश में महंगाई की दर जनवरी से ही आरबीआई के सीमा से ऊपर बनी हुई है. [wpse_comments_template]

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