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नये साल की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ
alt="" width="600" height="400" /> पटना से आये श्रद्धालु काजोल कुमारी और अर्पित कुमार ने बताया कि नये साल के पहले दिन की शुरुआत हम पूजा-अर्चना से कर रहे हैं. उन्होंने भगवान से कामन की कि नया साल सबकी सुख-समृद्धि और सकुशलता का साल हो. रातू के काठीटांड से विवेक कुमार, अंकुश कुमार, प्रीतम कुमार और अंकित कुमार आये थे. उन्होंने बताया कि वो हर साल नये साल में अपने दोस्तों के साथ यहां पूजा अर्चना के लिए आते हैं. इसे भी पढ़ें : काबुल">https://lagatar.in/blast-outside-military-airport-in-kabul-news-of-many-people-killed/">काबुल
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कभी फांसी टोंगरी के नाम से जाना जाता था पहाड़ी
पहाड़ी मंदिर का प्राचीन नाम तिरिबुरु था. अंग्रेजी शासन के दौरान इसका नाम हैंगिंग गैरी हुआ करता था. पहाड़ी मंदिर स्वतंत्रता पूर्व फांसी टोंगरी के नाम से भी जाना जाता था. दरअसल, यहां अंग्रेज क्रांतिकारियों को फांसी दिया करते थे. स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण चंद्र दास ने आजादी के बाद यहां पहली बार तिरंगा फहराया था. इसके बाद यहां हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया जाता है. इसे भी पढ़ें : नये">https://lagatar.in/in-the-new-year-the-youth-of-ranchi-danced-on-the-song-of-akshara-singh-the-songs-of-altaf-raja-tied-the-knot/">नयेसाल पर अक्षरा सिंह के गाने पर थिरके रांची के युवा, अल्ताफ राजा के गानों ने बांधा समा [wpse_comments_template]

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