Search

 
 
 

सावन की पहली सोमवारी पर रांची के पहाड़ी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

सावन मास की पवित्र शुरुआत 11 जुलाई से हो चुकी है और आज 14 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी है. इस विशेष अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. तड़के सुबह से ही शिवभक्त लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं.
 
  • श्रद्धालुओं ने महादेव का किया जलाभिषेक
  • मंदिर परिसर बोल बम के नारों से गूंज उठा

Ranchi : सावन मास की पवित्र शुरुआत 11 जुलाई से हो चुकी है और आज 14 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी है. इस विशेष अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. तड़के सुबह से ही शिवभक्त लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं.

Uploaded Image

 

स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु 

रांची ही नहीं, झारखंड के विभिन्न जिलों से भी भक्तजन महादेव के दर्शन के लिए पहाड़ी मंदिर पहुंचे हैं. कई श्रद्धालु स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मंदिर पहुंचे. रातभर की कठिन यात्रा के बाद भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया.

Uploaded Image

 

बोल बम और हर हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर 

सावन की पहली सोमवारी पर मंदिर परिसर "बोल बम" और "हर हर महादेव" के जयकारों से गूंज रहा है. वातावरण भक्तिमय हो गया है और श्रद्धालुओं में पहली सोमवारी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है. महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों समेत हर वर्ग के श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर नजर आए. इसके अलावा आसपास के अन्य शिव मंदिरों में भी पूजा और जलाभिषेक का सिलसिला जारी है.

Uploaded Image

 

प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

सावन माह में भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं. मंदिर परिसर में महिला और पुरुष पुलिस बल की भारी संख्या में तैनाती की गई है, जिससे दर्शन व्यवस्थित ढंग से हो सके. मंदिर के मुख्य द्वार पर  भव्य स्वागत पंडाल बनाया गया है. यहां से श्रद्धालुओं पर निगरानी रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं.

 

मंदिर परिसर में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. रांची जिला प्रशासन ने मंदिर के प्रवेश द्वार और उसके आस-पास अतिक्रमण रोकने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि भक्तों की आवाजाही में कोई बाधा न आए.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही