समेत चार राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी बदल सकती है डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया अब राज्य में यूपी के तर्ज पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक पुलिस बल के प्रमुख (डीजीपी) के चयन के लिए नियुक्ति नियमावली 2025 का गठन की मंजूरी मिल गई है. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली. डीजीपी के चयन के लिए नाम निर्देशन समिति का गठन हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस की अध्यक्षता में होगी. इस कमेटी में चीफ सेक्रेट्री, यूपीएससी द्वारा नामित मेंबर, जेपीएससी अध्यक्ष या उनके द्वारा नामित मेंबर, सेवानिवृत्त डीजीपी इस कमेटी के सदस्य होंगे. साथ ही गृह विभाग के सचिव, प्रधान सचिव या अपर मुख्य सचिव कमेटी के सदस्य सचिव होंगे. यही कमेटी डीजीपी का चयन करेगी. पहले यूपीएससी को नाम भेजा जाता था.
डीजीपी के चयन के लिए एक समान प्रक्रिया अपनायी गयी है
डीजीपी के चयन के लिए एक समान प्रक्रिया अपनायी गयी है. एक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य डीजीपी के चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है. इससे राज्य सरकार को डीजीपी के पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करने में अधिक मदद मिलेगी.जानें वर्तमान में डीजीपी नियुक्ति की क्या है प्रक्रिया
पहले डीजीपी की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार पुलिस सेवा में 30 वर्ष पूरे कर चुके उन अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजती थी, जिनका छह महीने का कार्यकाल शेष हो. यूपीएससी राज्य सरकार को तीन अधिकारियों के नामों का पैनल भेजता था, जिसमें से सरकार किसी एक को डीजीपी बनाती थी. इसे भी पढ़ें – मुख्य">https://lagatar.in/chief-election-commissioner-announces-delhi-assembly-elections-voting-to-be-held-on-february-5/">मुख्यचुनाव आयुक्त ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा की, 5 फरवरी को वोट पड़ेंगे, 8 को मतगणना
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