Lagatar Desk
अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के सैनिकों के बीच जारी गतिरोध की ख़बरों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा कि चीन भारत के साथ हुए संबंधित समझौतों और अहम सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन करता रहा है.
चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संप्रभुता और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त और प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां करता है. उन्होंने यह बात चीन-भारत सीमा पर एक बार फिर गतिरोध की ख़बरों के जवाब में कही.
गुओ ने कहा कि चीन और भारत राजनयिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी इसी दिशा में काम करेगा, ताकि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमतियों को लागू किया जा सके और सीमावर्ती इलाकों में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें.
गौरतलब है कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को कहा था, "पिछले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति बनी, जब अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर दोनों पक्ष (भारत और चीन) आमने-सामने आ गए. यह स्थिति अब भी जारी है."
आईटीबीपी के डीजी के बयान के बाद, 23 अक्तूबर को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, "दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमियों या ग़लत आकलन से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं."
प्रवक्ता ने कहा था, "इस तरह की घटनाएं तब होती हैं, जब चीनी सैनिक गश्त के तय तरीकों से हटकर काम करते हैं. मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना, दोनों देशों के आपसी संबंधों (द्विपक्षीय संबंधों) के समग्र विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बहुत जरूरी है."
इससे पहले अरुणाचल प्रदेश सीमा पर तनाव की स्थिति को लेकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक के बयान को लेकर कांग्रेस और विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा भी था.