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सिमडेगा: संत जेवियर काॅलेज में एकदिवसीय संगोष्ठी

Simdega: संत जेवियर काॅलेज, सिमडेगा में `ग्रामीण उद्यमिता` विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सिमडेगा के उद्यमी साउंड एंड विजन के व्यवसायी राजू शर्मा और `वर्षा राइस मिल` के व्यवसायी सौरभ प्रसाद ने अपने विचार रखे. संगोष्ठी कुल चार सत्रों में संपन्न हुआ. संगोष्ठी में दो तकनीकी सत्र थे. पहले सत्र की अध्यक्षता काॅलेज के उपप्राचार्य डा. फादर समीर जेवियर भंवरा और दूसरे सत्र की अध्यक्षता काॅमर्स विभागाध्यक्ष डा. गौरव श्रीवास्तव ने की. पहले सत्र को संबोधित करते हुए सौरभ प्रसाद ने कहा कि किसी व्यापार को सफल बनाने में एक अच्छा आइडिया, पूंजी और श्रमिक की आवश्यकता होती है. बिजनेस में उत्पाद के उपभोक्ता वर्ग की पहचान भी जरूरी है. सफल बिजनेस की अन्य जरूरी चीजों में कच्ची सामग्री, कुशल और बाजार की सुगम उपलब्धता जरूरी है. सौरभ ने अपने व्याख्यान के बाद छात्रों की शंकाओं का समाधान किया.

बिजनेस में सबसे महत्वपूर्ण विचार या आइडिया हैः राजू शर्मा

दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए राजू शर्मा ने कहा कि बिजनेस का सबसे महत्वपूर्ण चीज विचार या आइडिया है. जीरो पूंजी से भी किसी बिजनेस या पेशे को शुरू किया जा सकता है. उन्होंने आगे बताया कि सिमडेगा में जीएसटी फाइलिंग, अकाउंटेंटी कार्य, सेल्स एग्जिक्यूटिव आदि की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने अपने वक्तव्य में छात्रों को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इनवर्टर की बैटरी में डिस्टिल्ड डालने, बिजनेस प्रोमोटर, कोरियर सर्विस जैसी करीब दस ऐसे बिजनेस बताए जिन्हें बिना पूंजी के शुरू किया जा सकता है और करीब 20000 से 40000 रुपए तक कमाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी बिजनेस के लिए दो चीजें महत्वपूर्ण हैं. वो हैं ईमानदार नीयत और दूसरा विनम्र स्वभाव, इन दोनों के आधार पर बिजनेस के शिखर पर पहुंचा जा सकता है.

सिमडेगा बिजनेस के लिए उपयुक्त जगह है

राजू ने कहा कि जल्दबाजी में जो बहुत धनी बनना चाहते हैं उनका व्यवसाय लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता है. सिमडेगा के बारे उन्होंने कहा कि झारखंड के आसपास के कई सारे क्षेत्रों की तुलना में सिमडेगा बिजनेस के लिए उपयुक्त जगह है. इस क्षेत्र में व्यवसाय के मार्ग में दो-तीन चुनौतियों को छोड़ दिया जाए तो यह क्षेत्र बिजनेस के क्षेत्र में अव्वल स्थान पर आ सकता है. बिजनेस की प्रगति में जो चीज रुकावटें पैदा करती हैं, उनमें पहली चीज है जमीन का उपलब्ध न होना और दूसरी है कुशल कारीगर की कमी. कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य फादर एफ्रेम बा के स्वागत भाषण से हुआ. धन्यवाद ज्ञापन डा. अमित गुप्ता ने किया. इस अवसर उप प्राचार्य फादर ब्रूनो टोप्पो, संस्थापक प्राचार्य फादर इमानुएल बारला, एसआर डॉक्टर अनिमेष राय, आइक्यूएसी कोर्डिनेटर डॉ जयंत कुमार कश्यप और अन्य विभाग अध्यक्ष, शिक्षक और सौ से अधिक छात्र उपस्थित थे.

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