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बुध, शुक्र और पृथ्‍वी को एक दिन खा जायेगा सूर्य, नये शोध में आया सामने…

Washington : भविष्य में बुध, शुक्र और पृथ्वी को सूर्य निगल जायेगा. नक्षत्र विज्ञानियों और अंतरिक्षशास्त्रियों के एक नये अध्ययन में यह सामने आया है. हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि तब तक हमारी सभ्यता इस ग्रह से दूर जा चुकी होगी. खबरों के अनुसार शोधकर्ता इस विषय पर और अधिक जानकारी जुटाने में लगे हैं. रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि किसी ग्रह या भूरे रंग के बौने ग्रहों का सूर्य जैसे तारे के बाहरी परत में गर्म गैस के साथ अंतःक्रिया से घिरे हुए वस्तु के आकार और तारे के विकास का चरण के आधार पर कई तरह के परिणाम सामने आ सकते हैं. इसे भी पढ़ें  : तेलंगाना">https://lagatar.in/telangana-bjp-mla-t-raja-singh-arrested-accused-of-making-controversial-remarks-on-prophet/">तेलंगाना

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ड्रैग बल ग्रह से तारे में ऊर्जा स्थानांतरित करते हैं

शोधकर्ताओं ने एक तारकीय परत में घिरे ग्रह के आसपास के प्रवाह के त्रि-आयामी हाइड्रोडायनामिकल सिमुलेशन का प्रदर्शन किया. शोधकर्ताओं ने पाया कि जब सूर्य अपने ग्रहों को खा जाता है तो यह सूर्य जैसे तारे की चमक को कई हजार वर्षों तक परिमाण के कई क्रमों से बढ़ा सकता है, जो कि घिरी हुई वस्तु के द्रव्यमान और तारे के विकासवादी चरण पर निर्भर करता है. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांताक्रूज में प्रमुख लेखक रिकार्डो यारजा के अनुसार जैसे ही ग्रह तारे के अंदर यात्रा करता है, ड्रैग बल ग्रह से तारे में ऊर्जा स्थानांतरित करते हैं, और तारकीय आवरण, यदि स्थानांतरित ऊर्जा अपनी बाध्यकारी ऊर्जा से अधिक हो जाती है, तो यह अनबाउंड हो सकता है. इसे भी पढ़ें  : भारत">https://lagatar.in/aruna-rai-and-yogendra-yadav-will-support-rahul-gandhi-in-bharat-jodo-yatra-said-rahul-this-is-a-long-fight-to-unite-the-country/">भारत

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विकसित तारे अपने ग्रहों से सैकड़ों या हजारों गुना बड़े हो सकते हैं

हालांकि शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया है कि चूंकि विकसित तारे अपने ग्रहों से सैकड़ों या हजारों गुना बड़े हो सकते हैं, इसलिए पैमाने की यह असमानता अनुकरण करना मुश्किल बना देती है, जो प्रत्येक पैमाने पर होने वाली भौतिक प्रक्रियाओं को सटीक रूप से प्रदर्शन करता है. इस क्रम में उनकी टीम ने पाया कि बृहस्पति के द्रव्यमान के लगभग 100 गुना से छोटा कोई भी ग्रह सूर्य जैसे तारे के आवरण से बाहर नहीं निकल सकता है, जब तक कि वह सूर्य की त्रिज्या के लगभग 10 गुना तक न फैल जाये.नक्षत्र विज्ञानियों का कहना है कि इस शोध और अध्ययन से मिले परिणामों को भविष्य के अन्य शोधों में शामिल किया जायेगा. जिससे तारे की संरचना पर ग्रहण के प्रभाव का पता लगाया जा सके. [wpse_comments_template]

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