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ब्रह्मचर्य धर्म धारण करनेवाला भगवान का लघुनंदन : पंडित नयन जी शास्त्री

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Hazaribag : जैन धर्म का दस दिवसीय दशलक्षण पयूर्षण महापर्व के अंतिम दिन दोनों दिगंबर जैन मंदिरों में अभिषेक, शांति धारा व भगवान 1008 वासुपूज्य स्वामी जी का मोक्ष कल्याणक निवार्ण लाडू चढ़ाया गया. महापर्व के उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन सभी भक्तों ने पूजा-अर्चना और पाठ किया. पंडित नयन जी के सानिध्य में चल रहे 13 दीप महामंडल विधान में बड़े ही भक्तिभाव, उल्लास और उमंग के साथ सभी भक्तों ने पूजा अर्चना की. पंडित नयन जी शास्त्री सागानेर ने उत्तम ब्रह्मचर्य पर अपने मंगल प्रवचन में कहा कि ब्रह्मचर्य ही जीवन है. इसमें ही आनंद, सुखसागर और अपार शांति है. आत्मा में रमने का नाम उत्तम ब्रह्मचर्य है. उत्तम ब्रह्मचर्य महान व्रत है. यही कारण है कि जब नौ धर्म धारण होंगे, तभी दसवां ब्रह्मचर्य धर्म धारण होगा. जिसने ब्रह्मचर्य धर्म को धारण किया है, वह भगवान का लघुनंदन है. इसे भी पढ़ें -मान-सम्मान">https://lagatar.in/grand-gathering-of-jharkhand-agitators-in-ranchi-on-october-12-for-honor-and-respect/">मान-सम्मान

के लिए 12 अक्टूबर को रांची में झारखंड आंदोलनकारियों का महाजुटान

अनंत चतुर्दशी पर निकाली गई भव्य शोभा यात्रा

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alt="" width="600" height="400" /> दोपहर में अनंत चतुर्दशी पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई. दशलक्षण पर्व की समाप्ति और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दिगंबर जैन मंदिर बाडम बाजार से निकली शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए पांडोकशिला पहुंची. पंडोकशिला में श्री जी का अभिषेक व शांति धारा का कार्यक्रम हुआ. वहां से फिर नगर भ्रमण कर शोभायात्रा बाडम बाजार में समाप्त हुई. सभी पुरुष श्वेत और महिलाएं केसरिया परिधान धारण कर शोभा यात्रा की शान बढ़ा रही थी. भजन मंडली की टीम शोभा यात्रा में भजनों से सभी का मन मोह रही थी. श्री जी की पालकी को लेकर भक्तगण श्वेत वस्त्र में चल रहे थे. सभी लोगों ने धूप अर्जन किया और जगह-जगह श्री जी की आरती उतारी गई. पूरा नगर जयकारों से गूंज रहा था. संध्या में दोनों मंदिरों में भव्य महाआरती, णमोकार जाप, भक्तामर पाठ और शास्त्र वाचन पंडित नयन जी ने कराया. रात्रि में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व पारितोषिक वितरण का कार्यक्रम जैन युवा परिषद की ओर से किया गया.

क्षमावाणी पर्व कल

दिगंबर जैन पंचायत के प्रभारी विजय लुहाड़िया ने बताया कि 30 सितंबर को क्षमावाणी पर्व व रत्नत्रय व्रत, तेला व सोलह कारण व्रत पूर्ण होगा. क्षमावाणी महापर्व पर सभी भक्तगण एक-दूसरे से क्षमा याचना करेंगे. इसी के साथ यह दस दिवसीय महापर्व समाप्त हो जाएगा. इसे भी पढ़ें -रांची:">https://lagatar.in/ranchi-jmm-leader-falindra-munda-shot-by-criminals-survives/">रांची:

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