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राम मंदिर भूमिपूजन का एक साल पूरा, योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रामलला की पूजा-अर्चना करेंगे

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Ayodhya : अयोध्या में बन रहा राम मंदिर दिसंबर 2023 तक श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जायेगा.  हालांकि इसका पूरा निर्माण 2025 से पहले नहीं हो पायेगा. इंडियन एक्सप्रेस ने राम मंदिर के निर्माण में शामिल सूत्रों के हवाले से कहा है कि  मंदिर का निर्माण 2025 से पहले पूरा नहीं हो पायेगा.  हालांकि श्रद्धालुऔं को दिसंबर 2023 तक आंशिक रूप से तैयार प्रांगण में जाने और दर्शन-प्रार्थना की अनुमति दी जा सकती है. राममंदिर के भूमिपूजन की पहली वर्षगांठ पर मंदिर के नींव की 24 लेयर तैयार हो गयी हैं. 25वीं पर काम चल रहा है. बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ आज गुरुवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं. वे भूमिपूजन की वर्षगांठ के अवसर पर राममंदिर में आयोजित विशेष अनुष्ठान में शामिल होकर रामलला की पूजा-अर्चना करेंगे. बता दें कि 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का भूमि पूजन पीएम मोदी ने किया था. इसे भी पढ़ें : Tokyo">https://lagatar.in/indian-mens-hockey-team-creates-history-beat-germany-5-4-won-bronze-medal/124492/">Tokyo

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दिसंबर 2023 तक मुख्य गर्भगृह बन जायेगा 

सूत्रों के अनुसार  दिसंबर 2023 तक मुख्य गर्भगृह और मंदिर की पहली मंजिल का काम  पूरा करने की उम्मीद की जा रही है.  इससे भक्तों को राम लला के दर्शन करने और पूजा करने में मदद मिलेगी.   सूत्र के अनुसार मुख्य मंदिर का निर्माण एक पूर्ण पत्थर की संरचना से होने जा रहा है. इसलिए उन ईंटों का इस्तेमाल मुख्य मंदिर में नहीं हो पायेगा जिनकी संरचना पूरी नहीं होगी. हालांकि उन्होंने कहा कि हम लोगों की भक्ति भावना से अवगत हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल मंदिर में कहीं न कहीं जरूर किया जायेगा. इसे भी पढ़ें :  सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diaryaugust-5seva-sadan-matter-heated-upremdesivir-black-marketingsit-did-caseramlalas-darshan-from-2023stay-alert-from-these-girls/124409/">सुबह

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मंदिर के लिए पत्थरों को तराशा जा रहा है

बता दें कि 1989 में जब मंदिर आंदोलन अपने चरम पर तब कारसेवकों ने देश भर के गांवों से मंदिर के लिए निर्माण के लिए ईंटें और शिलाएं एकत्रित की थीं. जिन पर अलग अलग भाषाओं में श्री राम लिखा हुआ था। करीब तीन दशक तक यह शिलाएं कारसेवकपुरम में रखी रहीं, इसके अलवा वहां वर्कशॉप भी मंदिर के लिए पत्थरों को तराशा जा रहा है. मंदिर के निर्माण में शामिल सूत्र ने बताया कि कारसेवकपुरम में कारीगरों ने करीब 40,000 क्यूबिक फीट नक्काशीदार पत्थर तैयार किये हैं। मंदिर निर्माण समिति ने तय किया है कि इनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाये वहीं कुछ नई डिजाइन भी तैयार की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि फिर 70 फीसदी से ज्यादा ईंटों का इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे. जानकारों का कहना है कि राम मंदिर में इसलिए ज्यादा समय लग रहा है क्योंकि वहां की मिट्टी अभी स्ट्रक्चर के लिए तैयार नहीं हो पायी है. 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर 2023 में इस मंदिर को दर्शन के लिए खोल दिया जायेगा, साल 2025 के बाद ही यह पूरी तरह से तैयार हो पायेगा. [wpse_comments_template]

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