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झारखंड में सिर्फ 12 नक्सलियों का दस्ता सक्रिय, सबसे बड़ा दस्ता चाईबासा में एक्टिव

Saurav Singh Ranchi :  झारखंड समेत पूरे देश में माओवाद कमजोर हुआ है. नतीजतन झारखंड में भाकपा माओवादी नक्सलियों का सिर्फ 12 दस्ता ही सक्रिय है. यह दस्ता चाईबासा के अलावा बोकारो, लातेहार, चतरा और पलामू जिले में सक्रिय है. नक्सलियों का सबसे बड़ा दस्ता चाईबासा जिले के जराइकेला व टोंटो थाना क्षेत्र में सक्रिय है. जबकि सबसे छोटा दस्ता चतरा जिले के लावालौंग थाना में सक्रिय है.

जानें कहां-कहां सक्रिय है नक्सलियों का दस्ता :

  • -चाईबासा जिले के ज़राइकेला और टोंटो थाना क्षेत्र में मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी, सिंगरई, अजय महतो का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में 65 नक्सली कैडर शामिल है.
  • -चाईबासा जिले के गोइल केरा और सोनूवा थाना क्षेत्र में मेहनत, अमित मुंडा का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में 30 नक्सली कैडर शामिल है.
  • -बोकारो जिले के जागेश्वर बिहार थाना क्षेत्र में विवेक और रघुनाथ का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में 23 नक्सली कैडर शामिल है.
  • -लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में रविन्द्र गंझू का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में पांच नक्सली कैडर शामिल है.
  • -लातेहार जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र में छोटू खेरवार का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में 10 नक्सली कैडर शामिल हैं.
  • -चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में मनोहर गंझू का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में तीन नक्सली कैडर शामिल है.
  • -पलामू जिले के मोहम्मदगंज और हैदरनगर थाना क्षेत्र में नितेश यादव का दस्ता सक्रिय है. इस दस्ते में छह नक्सली कैडर शामिल है.

झारखंड का पांच जिला माओवाद प्रभावित

केंद्रीय गृह मंत्रालय की समीक्षा के बाद देश के 9 राज्यों के 38 जिलों में अब सिर्फ माओवाद प्रभाव होने की बात सामने आयी है. इनमें झारखंड के पांच जिले भी शामिल हैं. केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभाव के आधार पर एलडब्लूई (लेफ्ट विंग एक्सट्रीम) जिलों को तीन श्रेणियां में बांटा है. पहली श्रेणी में नक्सल प्रभाव वाले जिलों को रखा गया है. दूसरी श्रेणी में उन जिलों को रखा गया है, जो अति माओवाद प्रभावित हैं. तीसरी श्रेणी उन जिलों की है, जहां माओवाद का प्रभाव कम हो गया है, लेकिन अब भी वहां नजर रखने की जरुरत है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, गुमला, लातेहार, लोहरदगा माओवाद प्रभावित जिले हैं. इनमें पश्चिमी सिंहभूम को अति माओवाद प्रभावित जिले की सूची में रखा गया है. जबकि शेष चार नक्सल प्रभाव वाले जिलों गिरिडीह, गुमला, लातेहार व लोहरदगा को डिस्ट्रिक्ट आफ कंर्सन (डीओसी) की सूची में रखा गया है. [wpse_comments_template]

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