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यहां सिर्फ धांधली हो रही है, ईडी बैठाउंगा, सबकी जांच होगी

  • राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन ने राज्य आयोग पर लगाये गंभीर आरोप
  • महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में भी अनियमितता का किया दावा
Shruti Singh Ranchi :   झारखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग व शिक्षा के क्षेत्र में राज्य का बुरा हाल है. यहां सिर्फ धांधली हो रही है. जल्द से जल्द इसकी जांच करायी जायेगी. अभी सिर्फ कुछ लोगों पर ही प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. आने वाले समय में ईडी बैठाउंगा और सबकी जांच होगी. उक्त बातें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने दैनिक शुभम संदेश से बातचीत के दौरान कहीं. प्रियांक एक दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे थे.

रांची के बालगृह में कानूनगो ने किया था औचक निरीक्षण

इससे पहले शनिवार को प्रियांक कानूनगो ने रांची के बालगृह में औचक निरीक्षण किया. इसकी जानकारी उन्होंने ट्विटर पर साझा की. उन्होंने बताया कि रांची में वर्ष 2022 में तथाकथित समाजसेवी एवं पूर्व आईएएस अफसर से संबंधित संस्था द्वारा अवैध रूप से संचालित बालगृह में बच्ची के साथ यौन प्रताड़ना के मामले को दबाने का प्रयास किया गया था. उन्होंने इस घटना की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. साथ ही इसकी सरकारी फंडिंग बंद कर बच्चों को स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिये थे. उन्होंने रांची में राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य के साथ वहां औचक निरीक्षण किया तो संस्था सरकारी स्कूल में चलती हुई पायी गयी. उसमें कई अनियमितताएं भी पायी गयीं.

प्रियांक ने गिनाईं ये गड़बड़ियां

  •  रेनबो बालाश्रय अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था.
  •  पंजीयन के अभाव में गलत तरीके से इसे फिट फैसिलिटी घोषित किया गया है.
  • बाल गृह में शेड्यूल एच कफ सीरप की 17 बोतलें बिना डॉक्टर के पर्चे के मिलीं.
  • एक से 17 साल के बालक बाल मजदूरी में संलग्न मिले
  •  दो अन्य बाल गृहों में दर्ज सात बच्चियां यहां पाई गईं जिनके नाम पर संबंधित मिशनरी जिसमें बच्चियों को रखने के आदेश थे व उपरोक्त एनजीओ दोनों ही करोड़ों की विदेशी व राज्य सरकार की फंडिंग ले रही हैं.
  • एक अन्य मिशनरी संस्था भी बालगृह के बच्चों के नाम पर सरकारी और विदेशी फंडिंग लेती पाई गई.
  • 9 करोड़ रुपये की एफसीआरए फंडिंग, 23 लाख रुपये की सरकारी फंडिंग और अन्य डोनेशन के प्रमाण मिले जबकि बच्चे सरकारी केजीबीवी स्कूल में पढ़ते हैं.

    रविवार के कार्यक्रम में किसी को आने की अनुमति नहीं

सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार, रविवार को दरभंगा हाउस में हुए कार्यक्रम वत्सल भारत में रांची के बाल संरक्षण आयोग के सदस्य और महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सदस्यों को आने की अनुमति नहीं मिली. पहले सभी को आमंत्रण दिया गया था. लेकिन शनिवार को बालगृह में पायी गयी अनियमितता की रिपोर्ट के बाद उन्हें अनुमति नहीं दी गयी. [wpse_comments_template]

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