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कल्याण विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित करेंः चमरा लिंडा

 
Ranchi: अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उन्होंने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में नामांकन तथा विद्यार्थियों के अध्ययन से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए.

एक मई से अध्यापन कार्य सुनिश्चित करें

आदिवासी कल्याण आयुक्त को निर्देश दिया कि 1 मई 2025 से राज्य में कुल 59 एकलव्य मॉडल विद्यालयों में वर्ग 6 से 8 तक के जनजातीय बच्चों का नामांकन कार्य पूर्ण करते हुए अध्यापन कार्य सुनिश्चित करें. पूर्व के नामांकित छात्र-छात्राओं जो अपने गृह जिला से दूर के विद्यालय में अध्ययनरत हैं, (वर्ग-09 एवं 10 को छोड़कर) को उनके गृह जिला के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में स्थानांतरित करने का विकल्प देने का निर्देश दिया. यह विकल्प 15 से 25 फरवरी 2025 तक प्राप्त कर लिया जाना सुनिश्चित करें. विकल्प के आधार पर उत्पन्न होने वाली रिक्तियों का समायोजन कक्षावार अप्रैल, 2025 के लिए नामांकन के क्रम में पूरा कर लिए जाने का भी निर्देश दिया.

शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लक्ष्य

मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि पूर्व में राज्य के भीतर मात्र 7 एकलव्य मॉडल विद्यालय ही संचालित थे, जिसमें पूरे राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों का नामांकन किया जाता था, ऐसी व्यवस्था से हजारों की संख्या में जनजातीय वर्ग के बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते थे. पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी एकलव्य मॉडल एवं आश्रम विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तर्ज पर संचालित किया जाना सुनिश्चित करें. राज्य सरकार जनजातीय बच्चे-बच्चियों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाना सरकार का लक्ष्य है. बैठक में ये निर्देश भी दिए गए 1. नामांकन की प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन की प्रक्रिया की पूर्ण जिम्मेवारी सभी प्रमण्डलीय उप-निदेशक, कल्याण, झारखण्ड की होगी. 2. चयन प्रक्रिया सभी चयनित छात्र/छात्रा यथा सम्भव प्राथमिकता के आधार पर अपने प्रखण्ड, जिला तत्पश्चात मूल / निकटवर्ती जिलों के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में नामांकित किए जाए. 3. वैसे जिले जो एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय से आच्छादित नहीं हैं वहाँ के चयनित छात्र/छात्रा निकटतम् जिला के (विद्यार्थियों के इच्छा के अनुकुल) एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में नामांकन ले सकेंगे. सभी चयनित विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में प्रीफ्रेंस के अनुसार नामांकन किया जाए. 4. सभी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएँ अविलम्ब सुनिश्चित कराई जाए. न्यू इएमआरएस स्कीम द्वारा निर्मित विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्बंधित निर्माण एजेंसियों से सम्पर्क करते हुए उन विद्यालयों के निर्माण कार्य पूर्ण होने की स्पष्ट तिथि प्राप्त की गई. शिक्षा कैलेंडर इस प्रकार है. ▪ 1, 8 एवं 15 फरवरी 2025 - विज्ञापन प्रकाशन ▪ 5 से 28 फरवरी 2025 - इएमआरएस नामांकन फॉर्म भरा जाएगा. ▪ 9 मार्च 2025 - प्रवेश परीक्षा ▪ 28 से 25 मार्च 2025 - परीक्षा फल प्रकाशन ▪ एक से 10 अप्रैल 2025 - काउंसलिंग ▪ 10 से 20 अप्रैल 2025 - अप्रैल नामांकन प्रक्रिया पूर्ण ▪ 25 अप्रैल 2025 - सभी विद्यार्थियों का स्कूल में प्रवेश ▪ 1 अप्रैल 2025 - कक्षा (सत्र) प्रारंभ इसे भी पढ़ें – दिल्ली">https://lagatar.in/delhis-politics-has-reached-the-level-of-poisoning-yamuna-river-bjp-calls-it-kaliya-naag-on-kejriwals-allegation/">दिल्ली

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