Ahmedabad : गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, वडोदरा व मोरबी में अवैध रूप से बसे बांग्लादेशियों की पहचान के लिए ऑपरेशन डेल्टा चलाये जाने की खबर है. गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने यह जानकारी दी है.
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात ऑपरेशन डेल्टा के तहत चलाये गये अभियान में 362 बांग्लादेशियों की पहचान की गयी है. हर्ष संघवी ने कहा कि इन बांग्लादेशियों को राज्य में बसाने वाले और मदद करने वालों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. संघवी ने यह भी कहा कि इन घुसपैठियों का कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है.
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर स्वलर्णिम संकुल-1 में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में पत्रकारों को जानकारी दी कि पुलिस महानिदेशक डॉ के लक्ष्मीं नारायण राव के नेतृत्व में राज्य पुलिस ने अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, वडोदरा व मोरबी में अलग अलग टीमें बनाकर अवैध रूप से बसे 700 संदिग्ध लोगों को पकड़ा, जिनमें से 362 बांग्लादेशी निकले.
संघवी ने बताया कि पिछले साल चंडोला तालाब में बसे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हुई कार्यवाही के बाद यह सबसे बड़ा ऑपरेशन था. ऑपरेशन डेल्टा चलाये जाने के दौरान दौरान हाइवे व रेलवे व बस अड्डों की नाकाबंदी कर दी गयी, ताकि घुसपैठिये भाग न पाये.
उपमुख्यमंत्री के अनुसार इन शहरों में पुलिस ने अवैध रूप से बसे लोगों के दस्तावेजों की जांच की. घुसपैठियों ने फर्जी आधार व राशन कार्ड बनवा रखे थे. पुलिस में अब तक 362 घुसपैठियों की पहचान की है. इन सबको केंद्रीय ग्रह मंत्रालय की मदद से डिपोर्ट किया जायेगा.
हर्ष संघवी ने कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल से अवैध घुसपैठियों को निकाला जा रहा है, ठीक उसी तर्ज पर गुजरात में भी कोने-कोने से घुसपैठियों की पहचान कर देश से बाहर किया जायेगा.
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने जानकारी दी कि अहमदाबाद में चंडोला तालाब से पिछले साल लगभग 465 घुसपैठियों को डिपोर्ट किया गया था.
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