Lagatar Desk- इंडिया ब्लॉक की ओर से शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' की कार्यवाही शुरू हुई.
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार 'जन महाभियोग' की प्रक्रिया की अध्यक्षता कर रही थीं. सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई सांसद मौजूद रहे.
खड़गे के आवास पर हो रहा यह कार्यक्रम संसद की औपचारिक कार्यवाही या संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया का विकल्प नहीं है. यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसके ज़रिए विपक्ष अपने आरोपों को प्रमुखता से उठाने को कोशिशों में जुटा.
आज से 7 महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने CEC को हटाने का प्रस्ताव दोनों सदन में रखा था, लेकिन हमारे नोटिस खारिज कर दिए गए। आज हम जो प्रस्ताव लाए हैं, वह एक संवैधानिक संस्था की गरिमा को बचाने के लिए है, क्योंकि CEC से हमारा कोई निजी बैर नहीं है। हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्षता से काम करे और जनता का भरोसा उसके ऊपर कायम रहे। इसलिए देश में हो रही 'वोट चोरी' को रोकने के लिए INDIA गठबंधन के सभी नेता, MPs और NGO के लोग एक साथ आए हैं।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 31, 2026
कार्यवाही के दौरान खड़गे ने कहा, ''आज से सात महीने पहले 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में रखा था. पर इन सांसदों के नोटिस ख़ारिज कर दिए गए. इन नोटिसों को संज्ञान में नहीं लिया गया.''
क्या हैं छह आरोप
• वोट चोरी की साजिश की.
• 13.2 करोड़ वोटरों के नाम हटाए.
• संसद की निगरानी के बिना फॉर्म 6 में बदलाव किया.
• ईसीआईनेट के ज़रिये वोटर लिस्ट जब्त किए.
• दो चुनाव आयुक्तों को बोलने नहीं दिया.
• पीएम मोदी और अमित शाह के निर्देश पर काम किया.
कोई निजी बैर नहीं, पर..
खड़गे ने आरोप लगाया, मोदी सरकार ने 2014 से सत्ता पर कब्ज़ा करने के लिए हर तरह की साजिश की है. सांसद चोरी, पार्टी तोड़ना, सरकार चोरी, ED-CBI का इस्तेमाल और अब वोट चोरी. यानी- विपक्ष का वोट काटो और राज करो. ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर इस 'वोट चोरी' को अंजाम दे पा रहे हैं, क्योंकि दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करके एक बिल पास किया गया था, जिससे CEC को इम्युनिटी मिलती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र और हरियाणा में हमारा बेहतरीन प्रदर्शन था, लेकिन विधानसभा चुनावों में नतीजा पलट गया. कारण- चुनाव से पहले अवैध तरीके से वोट जोड़े गए और फिर सबके नाम हटा दिए गए. ये काम मोदी-शाह और ज्ञानेश मिलकर कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ''मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई निजी बैर नहीं है. आज हम जो प्रस्ताव लाए हैं, वह एक संवैधानिक संस्था की गरिमा को बचाने के लिए है. हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्षता से काम करे और जनता का भरोसा उसके ऊपर कायम रहे। इसलिए देश में हो रही 'वोट चोरी' को रोकने के लिए INDIA गठबंधन के सभी नेता, MPs और NGO के लोग एक साथ आए हैं.
खड़गे ने आरोप लगाया, "मोदी सरकार ने 2014 से सत्ता पर कब्ज़ा करने के लिए हर तरह की साजिश की है. सांसद चोरी, पार्टी तोड़ना, सरकार चोरी, ED-CBI का इस्तेमाल और अब वोट चोरी. यानी- विपक्ष का वोट काटो और राज करो. ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर इस 'वोट चोरी' को अंजाम दे पा रहे हैं, क्योंकि दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करके एक बिल पास किया गया था, जिससे CEC को इम्युनिटी मिलती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र और हरियाणा में हमारा बेहतरीन प्रदर्शन था, लेकिन विधानसभा चुनावों में नतीजा पलट गया. कारण- चुनाव से पहले अवैध तरीके से वोट जोड़े गए और फिर सबके नाम हटा दिए गए. ये काम मोदी-शाह और ज्ञानेश मिलकर कर रहे हैं."
#WATCH | Delhi: A motion seeking the impeachment of Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar was passed by INDIA bloc leaders during a symbolic public impeachment programme organised against him. (Video Source: AICC) https://t.co/uEhw0jNoG3
— ANI (@ANI) October 31, 2026
प्रस्ताव पारित, इससे पहले राहुल क्या बोले
प्रतीकात्मक जनमहाभियोग कार्यवाही में शामिल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयोग के रूप में नहीं रहेंगे. हमारे पास इस बात का पर्याप्त सबूत है कि यह सज्जन पद पर बने नहीं रहें.अगर बीजेपी तब भी उन्हें बनाए रखने पर अड़ी रहती है जब हम वो सब बता दें जो हम जानते हैं, तो बीजेपी का खेल हर किसी के सामने स्पष्ट हो जाएगा.
महाभियोग कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, "हम आपको बचकर निकलने नहीं देंगे. मैं उन लोगों से भी बात करना चाहता हूं जिन्होंने 'यूनियन ऑफ इंडिया' (भारत संघ) पर यह हमला किया है। ज्ञानेश कुमार तो बस एक हिस्सा हैं; ऐसे और भी कई लोग हैं. हम जानते हैं कि वे कौन हैं, और हम अच्छी तरह समझते हैं कि वे क्या हैं। यह आपके लिए एक चेतावनी है: हालात बदल रहे हैं। कृपया इस चेतावनी को सुनें और समझ लें कि यह एक नया राजनीतिक हथियार है, और अगर आप इसी रास्ते पर चलते रहे, तो यह हथियार आपको बहुत बुरी तरह चोट पहुंचाएगा. मैं यह बात प्यार और स्नेह के साथ कह रहा हूं; हम कोई बुरे या दुष्ट लोग नहीं हैं, लेकिन हम संविधान और अपने लोगों की आवाज़ की रक्षा जरूर करेंगे... मैं इस प्रस्ताव का पूरा समर्थन करता हूं कि ज्ञानेश कुमार पर न केवल महाभियोग चलाया जाना चाहिए, बल्कि उन पर देशद्रोह के लिए अदालत में मुकदमा भी चलना चाहिए, ताकि न्याय हो सके."
तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष ने कहा, ''2026 में पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव चुरा लिया गया. चुनाव आयोग के इतिहास में अभी तक किसी मुख्य चुनाव आयुक्त पर ऐसा आरोप नहीं लगाया जो ज्ञानेश कुमार पर लगाया जा रहा है.''
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद कहते हैं, "आज राहुल गांधी अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक 'नकली संसद' (मॉक पार्लियामेंट) चला रहे हैं. ये लोग संसदीय चर्चाओं में तो हिस्सा लेते नहीं, बल्कि देश की जनता का मज़ाक उड़ा रहे हैं... नेहरू जी वोट चुराकर प्रधानमंत्री बने थे.. आप कब तक संवैधानिक संस्थाओं का मज़ाक उड़ाते रहेंगे? जब कोई फैसला आपके पक्ष में आता है, तो आपको चुनाव आयोग 'ठीक' लगने लगता है..यह शर्मनाक है. मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूँ—अगर आपमें हिम्मत है, तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए."
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "भारत में अराजकता फैलाने की बार-बार नाकाम कोशिशों के बाद अब कांग्रेस पार्टी अपने अनोखे नेता राहुल गांधी की भावनाओं को संतुष्ट करने के लिए यह भ्रम पैदा कर रही है कि मॉक संसद आयोजित करके उन्हें उनकी पसंद की संसद मिल गई है." सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सीमा पार भी कांग्रेस पार्टी के 'मॉक संसद' की इस अवधारणा का मज़ाक उड़ाया गया है.