Search

 
 
 

वक्फ संशोधन संयुक्त समिति की बैठक का बहिष्कार किया विपक्षी सांसदों ने, फिर लौटे..

 
  New Delhi  :   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में आज सोमवार को वक्फ संशोधन संयुक्त समिति की बैठक हुई. बैठक में आज भी हंगामा हुआ. खबर है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रस्तुति के विरोध में विपक्षी सदस्य बैठक से बाहर चले गये. हालांकि, थोड़ी देर बाद वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की बैठक में विपक्ष के सांसद फिर से शामिल हुए. विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड प्रशासक ने दिल्ली सरकार की जानकारी के बिना प्रस्तुति में कुछ बदलाव किये थे. बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह,  द्रमुक के मोहम्मद अब्दुल्ला, कांग्रेस के नसीर हुसैन और मोहम्मद जावेद संयुक्त समिति की बैठक से बाहर निकल गये थे. विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि एमसीडी कमिश्नर और दिल्ली वक्फ बोर्ड प्रशासक अश्विनी कुमार ने मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना प्रस्तुति में बदलाव किया.

समिति की बैठक कल 29 अक्बूर को भी होगी

बैठक में दिल्ली वक्फ बोर्ड, हरियाणा वक्फ बोर्ड, पंजाब वक्फ बोर्ड और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों को वक्फ संशोधन विधेयक पर अपने मौखिक सबूत रिकॉर्ड करने के लिए बुलाया गया था.    समिति की बैठक कल 29 अक्बूर को भी होगी.  इससे पहले 22 अक्तूबर को समिति की बैठक में भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय और तृणमूल कांग्रेस  के  सांसद कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस हो गयी था. बहस के क्रम में कल्याण बनर्जी ने कांच के बोतल तोड़ कर उसे चेयरमैन जगदंबिका पाल की तरफ फेंक दिया था

बैठक में  सेवानिवृत्त न्यायाधीश और इस्लामिक विद्वानों को भी बुलाया गया

इससे पहले वक्फ संशोधन संयुक्त समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा, हमने बैठक में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब वक्फ बोर्ड को बुलाया है. हमारी कोशिश है कि सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा करें, ताकि एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जा सके. हमने इस संबंध में बीते दिनों दक्षिण भारत का भी दौरा किया था. अब हम उत्तर भारत का रुख करेंगे. विभिन्न प्रदेशों का दौरा करेंगे. इस तरह से पहली बार जेपीसी इतने सारे लोगों से मिलने का काम कर रही है. आज की बैठक में हमने सेवानिवृत्त न्यायाधीश और इस्लामिक विद्वानों को भी बुलाया है. हमारी कोशिश है कि एक अच्छी रिपोर्ट तैयार कर उसे जमीन पर उतारा जा सके, ताकि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य पूरा हो सके.वहीं, कुछ लोगों द्वारा इस बिल का विरोध किये जाने पर जगदंबिका पाल ने कहा, कौन क्या कहता है. यह अलग विषय है.

जेपीसी में हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा हक  

जेपीसी में हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा हक है. मुझे या किसी और को कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि जब सरकार ने इस बिल को चर्चा के लिए जेपीसी को सौंप दिया है, तो यहां सभी को अपनी बात रखने का पूरा हक है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वो कौन हैं. जेपीसी में सभी पार्टियों का प्रतिनिधित्व होता है. संसद को कानून बनाने का हक है. वहीं, बीते दिनों जेपीसी की बैठक में कल्याण बनर्जी द्वारा अभद्र व्यवहार किये जाने पर जगदंबिका पाल ने कुछ नहीं कहा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हमारी कोशिश है कि कैसे भी करके हम शीर्ष नेतृत्व को एक बेहतर रिपोर्ट सौंप दें, जिससे आगे का काम आसान हो. उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र है. लोकतंत्र में सभी को विरोध और समर्थन करने का हक है . जेपीसी को इस पर विस्तृत चर्चा करने का अधिकार है. हम इस पर चर्चा करके रिपोर्ट आगे शासन को सौंपेंगे.  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही