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उरांव समाज को अब जागने की जरुरत: रमेश उरांव

उरांव जनजाति समाज का सम्मेलन आयोजित Latehar :  मनिका प्रखंड के जुंगुर पंचायत में उरांव जनजाति समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया. सम्मेलन में मनिका प्रखंड के 12 गांवों के उरांव समाज के लोगों ने भाग लिया. इस सम्मेलन में उरांव समाज में हो रहे अन्याय व अत्याचार के खिलाफ सजग होने की अपील की गयी. अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकर्णी सदस्य रमेश उरांव ने कहा कि उरांव समाज को अब जागने की जरुरत है. उन्हें किसी प्रलोभन में नहीं आना चाहिए. हम प्रकृति के पूजक हैं और प्रकृति के समीप रहते हैं. हमारी संस्कृति समृद्ध रही है, इसे सहेज कर रखना है. आज विदेशी धर्मों को मानने वाले उरांव समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं. इसमें हमें नहीं फसंना है.

उरांव जनजाति का गौरवशाली इतिहास रहा है

प्रदेश कार्यकारणी सदस्य कमलेश उरांव ने कहा कि उरांव जनजाति समाज अब अखंड भारत के वास्तविक इतिहास से लोगों को अवगत करायेगी. उरांव जनजाति का गौरवशाली इतिहास रहा है. भारत देश के साथ गद्दारी करने वालों से सबसे पहले लड़ाई लड़ने का बीड़ा उरांव जनजाति ने उठाया था. देश की धर्म व संस्कृति को बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने कहा कि उरांव जनजाति समाज धर्मेश यानी महादेव (शिव) चला आयो यानी (पार्वती) को अपना भगवान मानते हैं. सम्मेलन में पंचायत के मुखिया, प्रधान एवं पडहा राजा, पडहा बेल, कोटवार समेंत उरांव समाज के लोग उपस्थित रहे. [wpse_comments_template]

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