निदेशक के पत्र में संशोधन की मांग
उनका कहना है कि गर्मी छुट्टी एक तरह से उनलोगों का अर्जित अवकाश(अर्नलीव) है. अन्य सरकारी कर्मियों को 33 दिन ईएल निर्धारित है, जबकि शिक्षकों को 14 दिन ही अर्जित अवकाश दिया जाता है. गर्मी छुट्टी देकर एक तरह से उसी छुट्टी का सांमजस्य किया जाता है. ऐसे में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ और अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने निदेशक के इस पत्र पर आपत्ति जताते हुए संशोधन की मांग की है. साथ ही कहा है कि पहले गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर कॉपी जांच होती थी और रिजल्ट दिए जाते थे. ऐसे में शिक्षकों की छुट्टी नहीं मारी जाती थी और वे अपने-अपने तरीके से बिना किसी अड़चन के ग्रीष्मावकाश का उपभोग करते थे. लेकिन निदेशक के इस पत्र से उनकी गर्मी छुट्टी में पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में व्यववधान पैदा हो गया है. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-139-sub-inspectors-of-bsf-took-the-oath-of-service-to-the-country-the-governor-gave-best-wishes/">हजारीबाग: बीएसएफ के 139 सब इंस्पेक्टर ने ली देश सेवा की शपथ, राज्यपाल ने दी शुभकामना
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निदेशक का आदेश अव्यावहारिक : प्रवीण कुमार
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि निदेशक का आदेश अव्यावहारिक है. इस संबंध में राज्यस्तर पर संघ ने निदेशक को 10 बिन्दुओं पर ज्ञापन सौंप शिक्षकों की समस्याएं बताई हैं. संघ को उम्मीद है कि आदेश में संशोधन कर शिक्षकों को राहत दी जाएगी.alt="" width="600" height="400" />
शिक्षकों को परेशान करने के लिए निकला आदेश : मो. अतिकुज्जमा
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मो. अतिकुज्जमा ने कहा कि शिक्षकों को परेशान करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है. शिक्षकों को गर्मी छुट्टी में भी परेशान रखने की यह साजिश है. इस तुगलकी फरमान को वापस लेने की जरूरत है.alt="" width="600" height="400" />
यह आदेश मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के समान : मनोज कुमार
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि बराबर छुट्टी पर गर्मी छुट्टी को लेकर लोगों को आंख लगती है, जलन होती है. शिक्षक इस लंबी छुट्टी में इलाज के लिए बाहर जाते हैं. पहले से टिकट वगैरह बुक रहते हैं. दूसरे जिले के शिक्षक अपने घर जाते हैं. महीनों पहले इस घोषित लंबी छुट्टी के उपभोग के लिए योजना बना ली जाती है. ऐसी स्थिति में यह पत्र न तो उचित और न व्यावहारिक है. यह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के समान है. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-coalfield-express-canceled-many-trains-including-doon-delayed-by-hours/">धनबाद: कोलफील्ड एक्सप्रेस रद्द, दून सहित कई ट्रेनें घंटों लेट
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निदेशक को पुनर्विचार करने की जरूरत : विष्णु कुमार
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव विष्णु कुमार कहते हैं कि निदेशक को पुनर्विचार करने की जरूरत है. संघ इस आदेश की निंदा करता है. इससे शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित होंगे. शिक्षकों से गर्मी छुट्टी में काम लेना नैसर्गिक न्याय नहीं है.alt="" width="600" height="450" />
शिक्षकों को प्रताड़ित करने पर संघ करेगा आंदोलन : कुमार सतपाल
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान महासचिव कुमार सतपाल ने कहा कि शिक्षकों को प्रताड़ित करने पर संघ आंदोलन करेगा. निदेशक किरण पासी को झारखंड शिक्षा परियोजना के कार्यक्रमों में हस्तक्षेप करना चाहिए, न कि शिक्षकों की छुट्टियों पर आदेश निकालना चाहिए. गर्मी छुट्टी के बीच में एक दिन स्कूल खोलने का क्या तुक है.alt="" width="600" height="360" />
परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं, आज से कॉपी जांच सकते हैं : राजीव झा
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राजीव झा ने कहा कि अभी परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं. शिक्षक आज से कॉपी जांच सकते हैं, तो फिर उसे छुट्टी में शामिल करने की क्या जरूरत है. छुट्टी से पहले ही उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो सकता है.alt="" width="600" height="400" />

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