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आउट सोर्सिंग कर्मियों की नौकरी होगी पक्की

  • वित्त विभाग ने सभी 60 विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रधान सचिव, सचिव को पत्र लिख कर आउट सोर्सिंग कर्मियों की सूची उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
Kaushal Anand Ranchi :  झारखंड राज्य में कार्यरत हजारों आऊट सोर्सिंग कर्मी भी अब नियमित होंगे. हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में अब सरकार हरकत में आ गयी है. वित्त विभाग ने इसको लेकर पहल शुरू कर दी है. विभाग ने झारखंड के सभी 60 विभागों के विभागाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव को पत्र भेज कर आऊट सोर्सिंग एजेंसी के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सरकार की इस पहल से झारखंड राज्य के विभिन्न विभागो में कार्यरत 31 हजार से अधिक आऊटसोर्सिंग कर्मियों को सीधा लाभ होगा. आउट सोर्सिंग कर्मियों की नौकरी पक्की करने वाला संभवत: झारखंड पहला राज्य बन जायेगा. (पढ़ें, मई">https://lagatar.in/the-month-of-may-is-raining-fire-heat-wave-continues-in-north-india-possibility-of-rain-in-a-day-or-two/">मई

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आऊट सोर्सिंग के तहत इन पदों पर कार्यरत हैं कर्मी

आऊटा सोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, सहायक प्रोग्रामर, अमीन, आदेशपाल, चालक और सफाई कर्मचारी आते हैं. जो विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं.

विभागों को यह जानकारी देनी होगी

कर्मी का पद नाम, कर्मियों की संख्या, कार्यरत अवधि, मासिक परिलब्धि, बाह्य स्रोत के आधार पर सेवा प्राप्त करने के निमित्त पद सृजित है या नहीं, स्वीकृति सक्षम स्तर से प्राप्त की गयी है या नहीं. यदि स्थाई रूप से रखने की आवश्यकता है तो विभागीय आवश्यकता आधारित पदों की संख्या आदि. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-uncontrolled-car-crushed-wedding-procession-three-died-condition-of-many-critical/">रांची

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किस विभाग में कितनी है स्ट्रैंथ और अभी कितने हैं कार्यरत

विभाग सेंक्शन स्ट्रैंथ वर्किंग स्ट्रैंथ
कृषि, पशुपालन और कॉआपरेटिव विभाग (कृषि डिवीजन) 66 64
कृषि पशुपालन और कॉआपरेटिव (पशुपानल डिवीजन) 2 2
भवन निर्माण विभाग 6 1
कैबिनेट सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय 15 12
राज्यपाल सचिवालय 38 36
कैबिनेट इलेक्शन विभाग 623 623
कृषि पशुपालन और कोआपरेटिव (कोआपरेटिव डिवीजन) 4 4
उर्जा विभाग 11 11
मद्य-निषेध विभाग 235 235
वित्त विभाग 102 102
खाद्य आपूर्ति विभाग 318 262
वन पर्यावरण विभाग 688 688
स्वास्थ्य विभाग 21 21
उच्च शिक्षा विभाग 40 28
गृह एवं कारा विभाग 40 28
उद्योग विभाग 175 175
वित्त विभाग (सांस्थनिक वित्त और प्रोग्राम इंपीलीमेंट्स डिवीजन) 7 6
श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग 105 104
विधि विभाग 500 500
झारखंड हाईकोर्ट 25 25
खान-भूतत्व विभाग 149 148
कैबिनेट सचिवालय और विजिलेंस विभाग 15 15
विधानसभा 29 29
पर्सनल एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्मस एंड राजभाषा विभाग 169 148
झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन 13 13
योजना विकास विभाग 114 86
राजस्व भूमि सुधार विभाग, निबंधन 148 148
पथ निर्माण विभाग 39 29
हायर टेक्निकल डिपार्टमेंट 686 686
स्कूली शिक्ष एवं साक्षरता विभाग 27 20
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग 107 92
कला-संस्कृति, खेलकूद विभाग 24 24
नगर विकास विभाग और आवास विभाग 36 22
जल संसाधन विभाग 93 93
जल संसाधन विभाग माइनर एरिगेशन विंग 12 12
पर्यटन, कला एवं युवा कार्य विभाग 193 193
कृषि विभाग (मत्स्य डिविजन) 51 49
कृषि विभाग (डेयरी डिविजन) 68 60
ग्रामीण कार्य विभाग 9 9
पंचायती राज विभाग 00 00
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग 25 25
महिला, बाल विकास विभाग 856 854
कुल 32078 31801

नियमितीकरण की प्रक्रिया हुई शुरू

इसके पूर्व सरकार विभिन्न विभागों में कार्यरत 5 लाख से अधिक अनुबंध कर्मियों को हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है. आहिस्ता-आहिस्ता विभिन्न विभागों के अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण की प्रक्रिया सरकार शुरू कर चुकी है. अब आऊट सोर्सिंग कर्मियों के नियमतीकरण की प्रकिया शुरू करने से कम से 31801 कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा. इसे भी पढ़ें : गुयाना">https://lagatar.in/guyana-fierce-fire-in-school-hostel-19-students-burnt-alive-many-scorched/">गुयाना

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सरकार को मिलेगा फायदा

  1. नियुक्तियों के लिए लंबी प्रक्रिया के समय की बचत
  2. प्रशिक्षण पर होने वाला खर्च और समय भी बचेगा
  3. सरकारी विभागों में मैन पावर की कमी होगी पूरी
  4. सरकार का पक्की नौकरी का वादा भी होगा पूर्ण

उठ सकते हैं सवाल

  1. आरक्षण नियमों का पालन नहीं होने का मामला आ सकता है सामने
  2. नियोजन नीति के दायरे में लाने की मांग कर सकते हैं कुछ संगठन
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