Ranchi News: बदलते मौसम और खराब मौसमी परिस्थितियों के बावजूद जेसोवा दीपावली मेला 2026 को रांचीवासियों का भरपूर समर्थन मिला. छह दिनों तक चले इस मेले में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे और जमकर खरीदारी की. परिवारों, युवाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया.
मेले में कश्मीर, उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों से आए प्रतिभागियों ने पारंपरिक, हस्तनिर्मित और विशेष उत्पादों के स्टॉल लगाए. वहीं, झारखंड के विभिन्न जिलों से आए कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों ने राज्य की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की झलक पेश की. रांचीवासियों ने इन उत्पादों में काफी रुचि दिखाई और जमकर खरीदारी की.
इसे भी पढ़ें:
जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे. महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को लोगों ने खूब पसंद किया. इसके अलावा जेरेडा (JREDA) सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी अपने स्टॉल लगाए. इनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी दी गई. विभिन्न सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी मेले का भ्रमण किया. इससे उन्हें अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और उद्यमिता को करीब से जानने का अवसर मिला.
महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना उद्देश्य
जेसोवा की अध्यक्ष प्रीति कुमार ने कहा कि जेसोवा दीपावली मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल है. इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है.
उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे वर्गों को मंच देना जरूरी है, जिनके पास प्रतिभा और क्षमता तो है, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर नहीं मिल पाता. स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहित करना इसी सोच का हिस्सा है. उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों और रांचीवासियों के प्रति आभार जताया.
मेले के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. महिलाओं के बैंड 'अद्वितीय' ने शानदार संगीतमय प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया. महिला कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और ऊर्जा से माहौल को संगीतमय बना दिया. उनकी प्रस्तुति महिला प्रतिभा, आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का संदेश देती नजर आई.
वहीं, दीपावली की खुशियों और रोशनी का संदेश देने के लिए मेला परिसर में 2600 दीये प्रज्वलित किए गए. दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा. इसके साथ ही छह दिवसीय आयोजन का सफल समापन हुआ.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

